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Written By: Editorial Team | Published : August 7, 2018 11:06 AM IST
बदलती जीवनशैली में तनाव और दर्द इतना बढ़ता जा रहा है कि इससे दर्द निवारक दवा विक्रेताओं और निर्माताओं की चांदी हो गई है। हर साल भारत में यह बाजार चार फीसदी की दर से बढ़ रहा है।
दर्द निवारण के लिए मेडिकल क्षेत्र में लगातार विकास हो रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में दर्द निवारक दवाओं का बाजार करीब 8,187 करोड़ रुपये का है। इसमें लगातार चार फीसदी की वृद्धि हो रही है और साथ ही इंजेक्शन का बाजार आठ फीसदी है। रिपोर्ट में सामने आया है कि दर्द के रोगी लगातार बढ़ रहे हैं। इसकी वजह बदलती जीवनशैली और बढ़ता तनाव है।
हैदराबाद स्थित स्टार अस्पताल के स्पाइन सर्जन डॉ. जी.वी.पी. सुब्बैया ने कहा, "दर्द निवारण में डिक्लोफेनाक को दुनिया भर में पसंद किया जाता है। क्लिनिकल अनुभवों से पता चला है कि डिक्लोफेनाक दर्द निवारण करने में गोल्ड स्टैंटर्ड है। इसमें कई विश्वसनीय ओरल, ट्रोपिकल और इंजेक्शन की रेंज है, जिसकी सलाह मैं अपने रोगियों को कई सालों से दे रहा हूं। इस मोलीक्यूल ने पहले कई बेहतरीन परिणाम दिखाएं है।"
उनका दावा है कि रिसर्च से जुड़ी फार्मास्यूटिकल कंपनियां बेहद कड़े और सुरक्षा के प्रोटोकॉल को अपनाते हुए नए अविष्कार कर रही है। ब्रांड्स डिक्लोफेनाक पर सालों से विश्वास कर रहे हैं और यह कई तरह के लंबे समय से चल रहे दर्द में तुरंत राहत प्रदान करता है।
ओडिशा के कटक स्थित एससीबीएमसीएच के आर्थोपेडिक्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशुतोष महापात्र ने कहा, "लंबे समय से चले आ रहे ब्रांड विश्वसनीय होते हैं क्योंकि उनमें कई सालों का अनुभव और विश्वास होता है। मैं दर्द मैनेज करने की दवा वोवरान की सलाह पिछले दो दशकों से दे रहा हूं। इस ब्रांड के इस्तेमाल से मेरे कई मरीजों की हालत में सुधार हुआ है।"
स्रोत- IANS Hindi.
चित्रस्रोत-Shutterstock.