
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : October 1, 2024 2:01 AM IST
Giving painkillers to children: अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स ने कहा है कि पीडियाट्रिशियन्स बहुत जरूरी होने पर ही और बहुत सावधानी के साथ बच्चों को पेनकिलर दवाइयां लिखें। AAP की तरफ से जारी की गयी नयी गाइडलाइंस में ऐसा कहा गया है कि बाल रोग विशेषज्ञों और डॉक्टरों को बच्चों को ओपियोइड दवाएं लिखने से पहले बहुत एहतियात बरतनी चाहिए। बच्चों को ओपियोइड्स लिखने से जुड़ी पहली क्लिनिकल प्रैक्टिस गाइडलाइन में यह साफ-साफ कहा गया है कि बच्चों को पेनकिलर दवाएं कैसे और कब लिखनी चाहिए, इससे पहले इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों में इसके साइड-इफेक्ट्स ना दिखायी दें।
इन गाइडलांस को जर्नल पीडियाट्रिक्स ऑनलाइन में प्रकाशित किया गया। इनमें पीडियाट्रीशियन को निर्देश दिए गए हैं कि वे हल्के से मध्यम दर्द वाले मरीजों के लिए हमेशा नॉन-ओपिओइड मेडिसिन्स ही लिखें। इसके साथ ही इन गाइडलाइंस में ओपिओइड मेडिसिन्स के साथ-साथ नालॉक्सोन भी लिखने की सलाह दी गयी। बता दें कि, नालॉक्सोन एक ऐसी दवा है जो अन्य दवाओं के ओवरडोज और उसके साइड-इफेक्ट्स को रिवर्स करने का काम करता है।
गाइडलाइन के प्रमुख लेखक स्कॉट हैडलैंड ने कहा, "पिछले दो दशकों में मेडिकल प्रैक्टिस में एक बड़ा बदलाव आया है। पहले ओपिओइड की दवाएं अधिक लिखी जाती थीं, लेकिन, अब ये दवाइयां कम इस्तेमाल होती हैं। इसी की वजह से कई बार बच्चों में दर्द का इलाज नहीं हो पाता।''
हैडलैंड ने आगे कहा, "हम बस ये चाहते हैं कि बाल रोग विशेषज्ञ बहुत जरूरत पड़ने पर ही ओपियोइड्स की खुराक बच्चों के लिए लिखें।"
हैडलैंड ने आगे कहा, ''दर्द और स्ट्रेस मानसिक स्तर पर बच्चों को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए डॉक्टरों को ऐसे कदम उठाने चाहिए जिससे बच्चों में पेनकिलर दवाएं खाने की लत या आदत ना लगे।''
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के दिशानिर्देशों में यह भी कहा गया कि, दर्द कम करने और कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ओपिओइड दवाओं की खुराक नॉन-मेडिकल उपायों (जैसे फिजियोथेरेपी) के साथ किया जाना चाहिए। इसके साथ-साथ ओपिओइड मेडिसिन्स के साथ अन्य नॉन-ओपिओइड दवाएं जैसे एसिटामिनोफेन और इबुप्रोफेन भी दी जा सकती है।