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Severe COVID-19 infection can cause hypoxemia ((low oxygen in the blood).
दिल्ली के मधुकर रेनबो चिल्ड्रन अस्पताल में रविवार को ऑक्सीजन की कमी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। हालात को चिंताजनक बताया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि दिल्ली के दक्षिणी क्षेत्र का यह एकमात्र अस्पताल है, जो कोविड से संक्रमित गर्भवती महिलाओं को भर्ती कर रहा है।
130 बिस्तरों वाले अस्पताल ने रविवार को ऑक्सीजन की कमी का सामना करने के बाद अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से एक एसओएस संदेश भेजा है और अस्पताल में ऑक्सीजन की उपलब्धता अनुमानित रविवार दोपहर 12 बजे तक बताई गई है।
दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र में स्थित अस्पताल में वर्तमान में 80-90 कोविड रोगियों को भर्ती किया है, जिनमें गर्भवती महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इनमें से कुछ आईसीयू और कई रोगी एनआईसीयू में भर्ती हैं।
अस्पताल द्वारा एसओएस संदेश पोस्ट किए जाने के तुरंत बाद, आम आदमी पार्टी विधायक राघव चड्ढा ने कहा, हमने अपने राजघाट रिस्पांस प्वाइंट से रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल के लिए पांच डी टाइप ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था की है। दिल्ली में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम होने के कारण सरकार का ऑक्सीजन भंडार बेहद सीमित है, लेकिन हम किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
रेनबो चिल्ड्रन हॉस्पिटल ने एक ट्वीट में कहा कि मधुकर रेनबो चिल्ड्रन अस्पताल में रविवार को दोपहर 12 बजे तक ही लिक्विड ऑक्सीजन की आपूर्ति बची है।
अस्पताल की एक कर्मचारी अंकिता ने बताया कि अस्पताल दैनिक आधार पर ऑक्सीजन संकट का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन आपूर्ति की कमी अब रोजाना की समस्या बनी हुई है। अगर हमारे पास पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन होगी तो हम अधिक बच्चे को भर्ती कर सकेंगे। ऐसा नहीं होता है तो फिर हमें ऑक्सीजन की कमी के कारण रोगियों को भर्ती करने के लिए खुद को सीमित करना होगा।
अंकिता ने कहा कि रेनबो दक्षिणी दिल्ली का एकमात्र अस्पताल है, जो सक्रिय रूप से कोविड पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं को भर्ती कर रहा है और इसके साथ ही उनके पास कई बच्चें भी भर्ती हैं।
दिल्ली के बत्रा अस्पताल में शनिवार दोपहर एक घंटे से अधिक समय तक मेडिकल ऑक्सीजन की कमी के कारण एक डॉक्टर सहित 12 कोविड रोगियों ने अपनी जान गंवा दी थी।
(आईएएनएस)