खानपान से बदलती जा रही है हमारी शक्‍लो सूरत : शोध

शिकारी से किसान बनते-बनते ज्‍यादा एक्‍सप्रेसिव हो गए हैं हमारे चेहरे के हाव भाव, लंबे समय से जारी वैज्ञानिकों के शोध में इस बात का खुलासा हुआ है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : April 21, 2019 2:31 PM IST

हम जब शिकारी हुआ करते थे अर्थात जब हमारा खानपान शिकार पर आधारित था तब हमारा जबड़ा ज्‍यादा फैला हुआ और मजबूत हुआ करता था। जबकि किसान बनने और ज्‍यादा शाइस्‍तगी से खाना पकाने और परोसने के क्रम में हमारा जबड़ा पतला होता गया, लेकिन आइब्रोज ज्‍यादा एक्‍सप्रेसिव हो गए। हमारे पूर्वज भावनाओं को उतनी अच्‍छी तरह व्‍यक्‍त नहीं कर पाते थे, जितनी अच्‍छी तरह हम कर पा रहे हैं।

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वर्षों का है विकास

वैज्ञानिकों का मानना है कि हम जैसे-जैसे प्रॉसेस्ड फूड खाते जा रहे हैं, हमारा चेहरा सिकुड़ रहा है। आर्कियॉलजिस्ट की एक इंटरनैशनल टीम ने ह्मयून फेस का इवॉल्यूशन देखा जो कि 100,000 सालों में धीरे-धीरे पतला होता गया है। निएंडरथल और मंकीज का माथा उभरा हुआ होता था साथ में उनका चेहरा चौड़ा और दांत बड़े होते थे। हमने जब खाना पकाना शुरू किया तो हमारा चेहरा संकरा होना शुरू हो गया, इसका मतलब है कि हमें शक्तिशाली जबड़ों और दांतों की जरूरत कम पड़ने लगी।

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इस तरह किया गया शोध

यॉर्क और हॉल यूनिवर्सिटीज पुराने अफ्रीकी मानवों के चेहरे से लेकर मॉडर्न चेहरों के बदलावों को देखा। यॉर्क यूनिवर्सिटी के प्रफेसर पॉल कहते हैं, 'इस समय की सॉफ्ट डायट से मानव चेहरे धीरे-धीरे साइज में छोटे होते जा रहे हैं।' मानव चेहरा कितना बदल सकता है इसकी भी एक लिमिट है। हालांकि सांस लेने के लिए बड़ी नेजल कैविटी की जरूरत होती है।

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वैज्ञानिकों का कहना है कि मानव चेहरे का विकास इसलिए भी हुआ ताकि हम अपनी आइब्रोज से ज्यादा से ज्यादा एक्सप्रेशंस दे सकें। हम जैसे-जैसे शिकारी से किसान बनते गए, और मक्का और गेहूं उगाने लगे और रोटी खाने लगे वैसे-वैसे हमारा चेहरा सिकुड़ता गया।

प्रफेसर पॉल बताते हैं, 'हम जानते हैं कि डायट, सांस लेने की प्रक्रिया और क्लाइमेट के चलते वर्तमान मनुष्यों का चेहरा ऐसा हुआ है, लेकिन इन्हीं के आधार पर विकास की व्याख्या कर देना ज्यादा हो जाएगा।' हम अपने चेहरे की मसल्स की कॉन्ट्रैक्शन और रिलेक्सेशन के जरिए 20 तरह के इमोशंस जाहिर कर सकते हैं। हमारे पूर्वज मानव ऐसा करने में सक्षम नहीं थे। उनके चेहरे का शेप और मसल्स की पोजिशन अलग थी।

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