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Written By: IANS | Published : August 25, 2019 10:53 AM IST
खुजली को यूं भांपता है हमारा दिमाग। © Shutterstock
हमारी रीढ़ की हड्डी खुजली के संकेतों को दिमाग तक पहुंचाती है। यह शोधकर्ताओं ने पता लगाया है। 'जर्नल ऑफ द मैकेनिकल बिहेवियर ऑफ बॉयोमेडिकल मैटिरीयल्स' में प्रकाशित शोधपत्र को पढ़ने से खुजली को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी और इससे पुरानी खुजली के इलाज की नई दवाइयां ढूंढी जा सकेगी। खुजली जो प्राय: एक्जिमा, मधुमेह या कुछ मामलों में कैंसर के कारण होती है।
कैलिफोर्निया के साल्क इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर मार्टिन गाउल्डिंग ने बताया, "खुजली की संवेदना का मस्तिष्क तक सफर अन्य स्पर्श से जुड़ी संवेदनाओं से अलग मार्ग से होती है और इसका रास्ता रीढ़ की हड्डी से गुजरता है, जो एक विशिष्ट मार्ग है।"
शोधकर्ताओं ने पहले रीढ़ की हड्डी में निरोधात्मक न्यूरॉन्स का एक सेट खोजा था, जो कोशिकाओं के लिए ब्रेक की तरह काम करते हैं, जो खुजली की संवेदना को मस्तिष्क तक पहुंचाने वाले रीढ़ की हड्डी को अधिकांश समय बंद रखते हैं।
ये न्यूरॉन्स न्यूरोट्रांसमिटर न्यूरोपेपटाइड वाई (एनपीवाई) का उत्पादन करते हैं। यह खुजली की संवेदना को मस्तिष्क तक पहुंचाने के मार्ग का निर्माण करते हैं, जो पुरानी खुजली के मामले में रास्ते को हमेशा खुला रखते हैं।
चूहों पर किए गए प्रयोग में पाया गया कि इन न्यूरॉन्स की गैरमौजूदगी में उन्हें खुजली की संवेदना प्राप्त नहीं होती है। लेकिन प्रयोग के दौरान जब दवाइयों के डोज से इन न्यूरॉन्स की संख्या को दुबारा बढ़ाया गया तो वे लगातार खुजली की संवेदना हासिल करने लगी। यहां तक कि उन्हें छूकर खुजली नहीं की जा रही थी, फिर भी उनके मस्तिष्क को यह संदेश मिल रहा था कि खुजली हो रही है और वह वैसा ही व्यवहार कर रही थी।