Oscar 2019: पीरियड्स पर बनी हापुड़ की कहानी को मिला ऑस्कर

भारत के ग्रामीण क्षेत्र में माहवारी के समय महिलाओं को होने वाली समस्या और पैड की अनुपलब्धता को लेकर बनी एक शॉर्ट फिल्म 'पीरियड: द एंड ऑफ सेंटेंस' को 'डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार मिला है।

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Written By: Yogita Yadav | Published : February 25, 2019 10:21 AM IST

भारत के ग्रामीण क्षेत्र में माहवारी के समय महिलाओं को होने वाली समस्या और पैड की अनुपलब्धता को लेकर बनी एक शॉर्ट फिल्म 'पीरियड: द एंड ऑफ सेंटेंस' को 'डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट सब्जेक्ट श्रेणी में ऑस्कर पुरस्कार मिला है।

इस डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन रायका जेहताबची ने किया है और इसे भारतीय प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा की सिखिया एंटरटेनमेंट ने प्रोड्यूस किया है। यह डॉक्यूमेंट्री 'ऑकवुड स्कूल इन लॉस एंजिलिस के छात्रों और उनकी शिक्षक मिलिसा बर्टन द्वारा शुरू किए गए 'द पैड प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

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जेहताबची ने ऑस्कर पुरस्कार स्वीकार करते हुए कहा, 'मैं इसलिए नहीं रो रही हूं कि मेरा माहवारी चल रहा या कुछ भी। मुझे विश्वास नहीं हो रहा है कि माहवारी को लेकर बनी कोई फिल्म ऑस्कर जीत सकती है।'

वहीं बर्टन ने इस पुरस्कार को अपने स्कूल को समर्पित करते हुए कहा कि इस परियोजना का जन्म इसलिए हुआ क्योंकि लॉस एंजिलिस के मेरे विद्यार्थी और भारत के लोग बदलाव लाना चाहते थे। इस डॉक्यूमेंट्री की कहानी दिल्ली के बाहरी इलाके 'हापुड़ की है।

भारत के लिए ऑस्कर का यह क्षण एक दशक के बाद आया है, जब ए आर रहमान और साउंड इंजीनियर रसूल पोकुट्टी को 'स्लमडॉग मिलेनियर के लिए 2009 में अकादमी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

हापुड़ की है कहानी

रयाक्ता जहताबची और मैलिसा बर्टन निर्देशित यह फिल्म दिल्ली के पास हापुड़ में रहने वाली उन महिलाओं की कहानी है जो मासिक धर्म से जुड़ी रूढ़ियों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करती हैं। यह फिल्म इस कैटेगरी में ब्लैक शीप, एंड गेम, लाइफबोट और अ नाइट एट द गार्डन के साथ मुकाबला करेगी।

guneet डॉक्यूमेंट्री 'पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस' की भारतीय प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा।

इंडियन डॉक्यूमेंट्री 'पीरियड एंड ऑफ सेंटेंस' को मिला ऑस्कर अवॉर्ड्

25 मिनट की इस डॉक्यूमेंट्री को बनाने में कैल‍िफोर्निडया के ऑकवुड स्कूल के 12 स्टूडेंट और स्कूल की इंग्लिशश टीचर मेलिसा बर्टन का खास योगदान है। फिल्म की एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर गुनीत मोंगा हैं. फिल्म को Rayka Zehtabchi ने डायरेक्ट किया है। इसे बनाने के पीछे दिलचस्प किस्सा है, ऑकवुड स्कूल स्टूडेंट ने एक आर्टिhकल में इंडिया के गांव में पीरियड को लेकर शर्म और हाइजीन की नॉलेज नहीं होने का पता चला। बच्चों ने एनजीओ को कॉन्टैक्ट किया, फंड इकट्ठा और गांव की लड़कियों के लिए एक सेनेटरी बनाने वाली मशीन डोनेट की। फिर गांव में जागरुकता लाने के लिए डॉक्यूमेंट्री की शूटिंग का प्लान बना।

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