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Organ Donation: उत्तर प्रदेश में अब अंग प्रत्यारोपण और अंगदान को आसान बनाते हुए स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (state organ and tissue transplant organisation) का गठन किया गया है। इससे अब अंग और ऊतक प्रत्यारोपण को बढ़ावा मिलेगा और प्रत्यारोपण से जुड़ी सारी जानकारी एक जगह मिल सकेगी। दरअसल, राजधानी लखनऊ का एसजीपीआई अस्पताल ऑर्गन बैकिंग नोडल सेंटर के रूप में काम करेगा। यूपी सरकार के मार्गदर्शन में पहली बार प्रदेश में सोट्टो का गठन किया गया है। इसके गठन से अब यहां के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को भी लाभ मिलेगा। (Organ Donation)
मरीजों को पहले अंग प्रत्यारोपण कराने में ढेर सारी अड़चनों का सामना करना पड़ता था। पर अब प्रत्यारोपण में आने वाली दिक्कतें दूर होंगी। इसके साथ ही जिन लोगों के पास डोनर नहीं हैं उन्हें ब्रेन डेड मरीजों के अंगों से नया जीवन मिल सकेगा। पीजीआई अब अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी सारी जानकारी, डाटा व रिकार्ड को संरक्षित करने और टिशू ट्रेंकिंग राज्य स्तर सोट्टो के तहत देखा जाएगा। अस्पताल प्रशासन जल्द ही सोट्टो से जुड़ी वेबसाइट को तैयार करेगा जिसपर अंग प्रत्यारोपण से जुड़ी सभी जानकारियां मरीजों को एक क्लिक पर मिल सकेंगी।
केंद्र सरकार ने अंग प्रत्यारोपण, ब्रेन डेड से निकाले गए अंगों का रखरखाव, आर्गन बैंक की निगरानी के लिए स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट आर्गेनाइजेशन सोट्टो का गठन किया। प्रदेश के सोट्टो का केंद्र राजधानी के पीजीआई को बनाया गया है। पीजीआई अस्पताल प्रशासन ने विभाग के प्रमुख डॉ. राजेश हर्षवर्धन को सोटो का नोडल अफसर नामित किया है। डॉ. राजेश ने बताया कि सोटो नेशनल आर्गन एंड टीशू ट्रांसप्लाट आगेर्नाइजेशन रोट्टो व नोटो के अधीन काम करेगा।
डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि सोट्टो के केन्द्र बना पीजीआई अब अंग प्रत्यारोपण सेंटर, टिशू बैंक और अस्पतालों के साथ तालमेल स्थापित करेगा। ब्रेन डेड मरीजों के अंगों की जहां जरूरत है उनसे संपर्क भी स्थापित करेगा। ऊतक और मानव अंग प्रत्यारोपण करने वाले प्रदेश के सभी 26 सरकारी और गैर सरकारी अस्पताल सोटो के अधीन काम करेंगे।
इसके तहत प्रदेश भर में अंगदान व प्रत्यारोपण के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अस्पताल प्रशासन अब जागरूकता अभियान के जरिए प्रदेश में लीवर, गुर्दा, स्टेम सेल, कॉनिया, बोन मैरो प्रत्यारोपण समेत शरीर के अन्य अंगों के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे।
पीजीआई के निदेशक डॉ. आर.के. धीमान (R.K. Dhiaman) कहते हैं कि यूपी में पहला सोट्टो केन्द्र बनने से प्रदेश में अब अंग प्रत्यारोपण को काफी बढ़ावा मिलेगा। ब्रेन डेड मरीजों के अंगों को दान करने में भी लोगों को सहूलियत मिलेगी। वो इन अस्पतालों से संपर्क कर अंगदान करने और अंग प्रत्यारोपण करा सकेंगे।