राजधानी में एक बार फिर टूटा कोरोना केस का रिकॉर्ड, 24 घंटों में आए 4853 नए मामले

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के नए मामले आने का रिकार्ड टूट गया है। बीते 24 घंटों में अब तक के सबसे ज्यादा 4853 नए रोगी सामने आए हैं। इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : October 28, 2020 10:32 AM IST

राजधानी दिल्ली में एक बार फिर से कोरोना संक्रमण के नए मामले आने का रिकार्ड टूट गया है। बीते 24 घंटों में अब तक के सबसे ज्यादा 4853 नए रोगी सामने आए हैं। इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। बीते 24 घंटों में दिल्ली में कोरोना से 44 व्यक्तियों की मौत हो गई। इससे पहले 16 सितंबर को दिल्ली में 24 घंटे के दौरान कोरोना के 4473 नए मामले सामने आए थे। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में 57,210 कोरोना टेस्ट हुए। दिल्ली में कोरोना के कारण होने वाली मृत्युदर 1.74 प्रतिशत है।

मंगलवार को दिल्ली सरकार ने कोरोना बुलेटिन जारी करते हुए कहा, "बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 4853 नए मामले सामने आए हैं। इसी दौरान 2722 कोरोना संक्रमित व्यक्ति स्वस्थ हुए हैं। 24 घंटे के दौरान ही दिल्ली में 44 व्यक्तियों की कोरोना से मृत्यु हुई। दिल्ली में अब तक 6356 व्यक्ति कोरोना के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं। राष्ट्रीय राजधानी में कुल 3,64,341 व्यक्तियों को कोरोना हुआ और इनमें से 3,30,112 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हैं। दिल्ली में फिलहाल 27,873 एक्टिव कोरोना रोगी है।"

बढ़ रहे हैं कंटेनमेंट जोन

वहीं दिल्ली में लगातार कंटेनमेंट जोन की संख्या भी बढ़ रही है। फिलहाल पूरी दिल्ली में 3032 कोरोना कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। कोरोना संक्रमण के दौरान वायु प्रदूषण जानलेवा साबित हो सकता है। इसी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने कई अहम निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, "यह वायु प्रदूषण जानलेवा हो सकता है। खासतौर पर इस कोरोना संक्रमण के साल में। कोरोना फेफड़ों पर हमला करता है, ऐसे में प्रदूषित वायु खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए हमने दिल्ली में प्रदूषण के विरोध लड़ाई छेड़ने का अभियान शुरू किया है। इस अभियान का नाम 'युद्ध प्रदूषण के विरुद्ध है'।"

इन निर्णयों के तहत दिल्ली के सभी कंस्ट्रक्शन स्थलों पर धूल उड़ने से रोकने के उपाय किए जाएंगे। सड़क किनारे उड़ने वाली धूल को नियंत्रित किया जाएगा। दिल्ली के अंदर कूड़ा या आग से फैलने वाले वायु प्रदूषण को रोका जाएगा। इसके साथ ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक और रूम ही बनाया जा रहा है।

पढ़ें क्या कहती है सरकार

दिल्ली सरकार के मुताबिक, "हर साल अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इसका एक बड़ा कारण आसपास के राज्यों में पराली जलाना है। पराली जलाने का खामियाजा वहां रहने वाले किसानों और अन्य गांव वालों को भी भुगतना पड़ता है।" गौरतलब है कि कोरोना की रोकथाम के साथ ही दिल्ली में डेंगू की रोकथाम के लिए भी एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 10 हफ्ते का यह अभियान प्रत्येक रविवार सुबह 10 बजे 10 मिनट के लिए चलाया जाता है।

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