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दुनियाभर में ओमिक्रोन वेरिएंट के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच भारत में भी मामलों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है। केन्द्र सरकार ने देश में पिछले 2 सप्ताह में 170 से ज्यादा ओमिक्रोन के मामले सामने आने के बाद ये जानकारी दी है कि कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रोन, डेल्टा के मुकाबले तीन गुना अधिक संक्रामक है। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी राज्यों को अपनी तरफ से सतर्कता बरतने के साथ-साथ हालात से पूरी तैयारी निपटने की सलाह दी है।
केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने सभी राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों के एक पत्र लिखा है, जिसमें ये कहा गया है कि सभी राज्य कोरोना के इस नए वेरिएंट को लेकर सावधानी बरतें और किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयारी रहें। इसके अलावा इस पत्र में ये भी कहा गया है कि भले ही फिलहाल ओमिक्रोन के मामले कम हो लेकिन इन पर पूरी नजर रखी जानी चाहिए और स्थानीय स्तर व जिला स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाने की जरूरत है।
राजेश भूषण ने कहा कि ओमिक्रोन पर मौजूदा वैज्ञानिक तथ्य इस बात की ओर इशारा करते हैं कि ये वेरिएंट डेल्टा के मुकाबले तीन गुना अधिक संक्रामक है। हालांकि डेल्टा वेरिएंट अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है और देश के विभिन्न हिससों में इसके मामले मौजूद हैं। इसलिए सरकार को दूरदर्शिता, तेजी से आंकड़ों का सटीक विश्लेषण, मौके की नजाकत को समझते हुए निर्णय लेने की क्षमता के साथ- साथ तेजी से कंटेनमेंट जोन बनाने का काम स्थानीय और जिला स्तर पर जरूरी है।
केन्द्र सरकार का कहना है कि कोविड प्रभावित आबादी और रोजाना सामने आ रहे मामलों को देखते हुए सरकारों को इसके भौगोलिक प्रसार, अस्पतालों के बुनियादी ढांचों और उपलब्ध कार्यबल के बेहतर इस्तेमाल, कंटेनमेंट जोनको अधिसूचित करने और जिला स्तर पर कंटेनमेंट जोन के आकार और कोविड नियमों को कड़ाई से लागू करने की दिशा में अभी से योजना बनानी जरूरी है ताकि इसे स्थानीय स्तर पर ही रोका जा सके।
केन्द्र ने सभी राज्यों को इस बात पर नजर रखने की सलाह दी है कि पिछले हफ्ते टेस्ट पॉजिटविटी रेट 10 फीसदी या उससे अधिक था वहीं अस्पतालों में बिस्तरों पर मरीजों की संख्या कुल संख्या का 40 प्रतिशत है या उससे अधिक है। इसके अलावा सरकारों से ये भी पूछा गया है कि कितने लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट की आवश्यकता है या आईसीयू बिस्तरों पर हैं।
1-राज्यों को कंटेनमेंट प्रकिया
2- कोरोना जांच
3- संपर्क सूत्रों का पता लगाने
4- निगरानी
5- विकट स्थितियों में स्वास्थ्य प्रणाली का प्रबंधन करने
6- कोरोना वैक्सीनेशन और कोरोना से बचाव के लिए उपयुक्त व्यवहार मानकों का पालन करने
(सोर्स-आईएएनएस)