... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
नीदरलैंड में नवंबर महीने में ही सामने आए थे ओमिक्रोन के मामले, करीब 14 लोगों में पाया गया ओमिक्रोन
दुनियाभर में कोरोनावायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट और लोगों के बीच डर का माहौल है। पहले सिर्फ दक्षिण अफ्रीका, बोत्सवाना और हॉन्ग-कॉन्ग से ही इस वेरिएंट के सामने आने की बात कही जी रही थी लेकिन अब दूसरे देशों में भी इस वेरिएंट के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा मामला नीदरलैंड का है, जहां पिछले महीने यानी नवंबर में ही टेस्ट किए गए सैंपल में ओमिक्रोन वेरिएंट का पता चला था। आइए जानते हैं क्या है पूरी खबर।
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पब्लिक हेल्थ एंड एनवायरनमेंट (आरआईवीएम) की एक घोषणा के मुताबिक, नीदरलैंड में 19 से 23 नवंबर के बीच कोरोनावायरस के कुछ सैंप्लस लिए गए थे, जिसमें ओमिक्रोन वेरिएंट का पता चला है। आरआईवीएम का कहना है कि ओमिक्रोन का पता लगाने के लिए एक विशेष प्रकार के आरटी-पीसीआर टेस्ट में सैंपल्स ने स्पाइक प्रोटीन में असामान्यता दिखाई है, जिससे ये पता चलता है कि ओमिक्रोन वेरिएंट यहां मौजूद था।
टेस्ट के लिए भेजे गए इन दोनों सैंपल्स में ओमिक्रोन वेरिएंट की पुष्टि हुई है लेकिन हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि ये दोनों लोग दक्षिण अफ्रीका गए थे या नहीं।
आरआईवीएम ने लोगों से उन सभी जगह की नगर सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं (जीजीडीएस) को सतर्क रहने को कहा है, जहां ये टेस्ट लिए गए हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, जीजीडी इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सूचित करेगा और स्रोत व संपर्क ट्रेसिंग शुरू करेगा।
खबरों के मुताबिक, ओमिक्रोन वेरिएंट का सबसे पहले पता दक्षिण अफ्रीका में चला था लेकिन बीते शुक्रवार को नीदरलैंड में दक्षिण अफ्रीका से आने वाले 624 लोगों का शिफोल हवाई अड्डे पर कोरोना वायरस का टेस्ट किया गया था, जिसमें से 61 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है। लेटेस्ट आरआईवीएम डेटा के अनुसार, कुल मिलाकर, उनमें से 14 लोगों में ओमिक्रोन वेरिएंट पाया गया है।
आरआईवीएम का कहना है कि प्रयोगशाला में हुए टेस्ट में ओमिक्रोन वेरिएंट के कई अलग-अलग उपभेदों की पहचान हुई है। इसका मतलब ये है कि लोग एक-दूसरे से ही विभिन्न स्रोतों से और अलग-अलग स्थानों से संक्रमित हुए थे।
(सोर्स -आईएएनएस)