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दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे कोविड के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के मामलों को रोकने की मुहिम शुरू हो चुकी है। भारत में भी लगातार ओमिक्रोन के मामले सामने आ रहे हैं और कई राज्य सरकार इसके कम्युनिटी स्प्रेड का भी दावा कर रही हैं। वहीं बिहार ने ओमिक्रोन के खतरे को देखते हुए जल्द ही घर-घर में ओमिक्रोन की जांच की सुविधा शुरू करने का फैसला किया है। इतना ही नहीं बिहार में कोविड संक्रमण से जूझ रहे लोग, जिनका इलाज घर पर चल रहा है यानी जो लोग होम आइसोलशेन में हैं, उन्हें अब से दवा भी घरों तक उपलब्ध कराई जाएगी।
राज्य में कोरोना संक्रमितोंकी बढ़ती संख्या के मद्देनजर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर ये नए निर्देश जारी किए हैं। इस समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों और उससे बचाव को लेकर राज्य के स्वास्थ्य विभाग द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी भी दी।
इन सब चीजों के अलावा देश में ओमिक्रोन वेरिएंट के कारण राज्यों की स्थिति और बिहार में बीते आठ दिनों के दौरान टेस्टिंग और पाजिविटी रेट से जुड़ी जानकारी भी प्रदान की गई। विभाग के अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सभी जिलों के लिये नोडल अधिकारी बना दिए गए हैं और एक-एक चीज पर नजर रखी जाएगी।
उन्होंने ये भी बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार स्पीड पोस्ट के माध्यम से कोविड होम आइसोलेशनमेडिकल किट को लोगों के घर तक पहुंचाया जाएगा, जिसमें होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के लिये दवा के उपयोग की विधि एवं अन्य जानकारी भी लिखी रहेगी।
अपर सचिन ने ये भी बताया कि बिहार में वैक्सीनेशन की रफ्तार को और बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है और आज तक 10 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा चुकी है। समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ओमिक्रोन टेस्टिंग की जल्द से जल्द व्यवस्था का निर्देश जारी किया है और बताया कि इससे ओमिक्रोन संक्रमितों का शीघ्र पता चल सकेगा और समय पर इलाज हो सकेगा।
राज्य में कोरोना संक्रमितों की बढ़ती रफ्तार को देखते हुए इस पर पूरी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों के साथ-साथ जिला अस्पताल एवं अनुमंडल अस्पताल में भी पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन और दवा की पर्याप्त व्यवस्था करने और टेक्नीशियन के साथ-साथ पूरी मेडिकल टीम को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया है।