
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 8, 2021 5:19 PM IST
Omicron Variant Spread: ओमिक्रोन वेरिएंट दिन-ब-दिन दुनियाभर में चिंता का विषय बनता जा रहा है। 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में खोजा गया ओमिक्रोन वेरिएंट अब दुनिया के 50से अधिक देशों तक फैल चुका है। अमेरिका के सेंटर फॉर डिजिज कंट्रोल यानि सीडीसी की निदेशक रोशेल वालेंस्की ने मंगलवार को बयान दिया कि ओमिक्रोन कोरोना वेरिएंट अब 50 देशों में मौजूद है। मंगलवार को व्हाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोविड महामारी से जुड़ी स्थितियों पर जानकारी दी गई जहां वार्ता के दौरान वालेंस्की ने कहा कि कोरोना का सुपर म्यूटेंट स्ट्रेन अमेरिका के लगभग 19 राज्यों में भी पाया गया है। वालेंस्की ने यह भी कहा कि फिलहाल अमेरिका दैनिक स्तर पर कोरोना के लगभग 100,000 नए मामले देख रहा है। (Omicron Variant Spread In Hindi)
प्रेस मीटिंग में वॉलेंस्की ने कहा, "जहां मौजूदा समय में ज्यादातर खबरें कोरोना के नये वेरिएंट ओमिक्रोन से जुड़ी हुई हैं वहीं, मैं एक बार फिर बता दूं कि अमेरिका में कोरोना संक्रमण के 99 फीसदी से अधिक मामले डेल्टा वेरिएंट से जुड़े हुए हैं।" वालेंस्की ने कहा, हालांकि, " अभी ओमिक्रोन की गंभीरता को समझने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और साथ ही यह जानने का भी प्रयास किया जा रहा है कि कोविड की वैक्सीन्स कोविड के नये वेरिएंट ओमिक्रोन के खिलाफ कितनी कारगर है। उसके बाद ओमिक्रोन के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने से जुड़े प्रयास किए जा सकेंगे।"
वहीं, व्हाइट हाउस के मुख्य चिकित्सा सलाहकार डॉ. एंथनी फाउची के अनुसार, वैज्ञानिकों के पास अगले सप्ताह के मध्य तक कुछ डेटा होगा, जो दर्शाएगा कि वर्तमान टीके नए ओमिक्रॉन से मुकाबले करने के लिए कितने प्रभावी हैं। उन्होंने कहा कि महामारी विज्ञान और क्लिीनिकल अध्ययनों से 'रियल-वल्र्ज ऐवीडेंस' से इसके बारे में जानकारी मिलेंगी। तभी हम इसका जवाब दे सकेंगे कि वायरस कितना संक्रामक और गंभीर है और साथ ही यह टीके इसपर प्रभावी है भी या नहीं।
संक्रामक रोगों के एक्सपर्टडॉ.एंथोनी फाउची ने इस दौरान कहा कि ओमिक्रोन से होने वाले संक्रमण की गंभीरता के बारे में अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। वहीं, दक्षिण अफ्रीका दवारा हाल ही में जारी किए गए एक डेटा से संकेत मिलता है कि ओमिक्रोन के कारण बीमारी के हल्के लक्षण दिखायी दे सकते हैं। हालांकि, साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि ओमिक्रोन से संक्रमित होने वालों मेंं युवाओं की संख्या काफी अधिक है और यह तथ्य आगे चलकर संक्रमण के प्रसार की गति को प्रभावित भी कर सकता है। डॉ. फौसी ने साथ ही यह भी कहा कि, " इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ एंटीवायरल दवाइओं के प्रभाव का भी मूल्यांकन करने के लिए विभिन्न स्टडीज़ की जा रही है।।"
फाउची ने कहा, "इसके अलावा, उन्होंने कहा कि जो लोग बीटा या डेल्टा वेरिएंट से ठीक हो गए हैं, उनके ओमिक्रॉन से फिर से संक्रमित होने का जोखिम बढ़ गया है। हाल ही में दक्षिण अफ्रीका के एक अध्ययन ने अन्य वेरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन के साथ दोबारा संक्रमण के जोखिम में तीन गुना वृद्धि दिखाई।" (Omicron Variant Spread)
(आईएएनएस)