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Written By: Yogita Yadav | Published : July 26, 2019 2:54 PM IST
मियामी विश्वविद्यालय में हाल ही में हुए एक शोध में इस बात का दावा किया गया है कि जो लोग मोटे होते हैं, उनमें एजिंग की रफ्तार एक दशक तक तेज हो जाती है। उनमें अल्जाइमर्स का जोखिम भी बढ़ जाता है। © Shutterstock.
अगर आप मोटे (Obesity aging) हैं, या आपका वजन लगातार बढ़ रहा है तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। ज्यादा वजन आपको कई और बीमारियों की ओर धकेल रहा है। जिससे आपकी उम्र की रफ्तार एक दशक (Obesity aging) तक तेज हो सकती है। मियामी विश्वविद्यालय में बीएमआई इंडेक्स और ब्रेन की सेहत के बीच संबंध का विश्लेषण करते हुए यह दावा किया गया है। इससे शारीरिक सेहत के साथ-साथ मानसिक सेहत (Obesity aging) पर भी खतरा पैदा हो सकता है।
शोध में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों का वजन ज्यादा (Obesity aging) होता है, कमर मोटी होती है और बीएमआई इंडेक्स भी ज्यादा होते हैं उनके ब्रेन में मौजूद कोर्टेक्स के पतले होने की संभावना बढ़ जाती है। इससे अल्जाइमर्स का जोखिम भी बढ़ जाता है।
अध्ययन की शुरुआत में 1,289 प्रतिभागियों की कमर और बीएमआई को मापा गया था। फिर यही माप छह साल बाद किया गया। जो लोग अधिक वजन वाले थे यानी 25 और 30 के बीच बॉडी मास इंडेक्स वाले लोगों के मस्तिष्क का कोर्टेक्स 0.098 मिलीमीटर की दर से पतला था। जबकि वे लोग जिनका बीएमआई 30 और उससे अधिक था उनके ब्रेन का कोर्टेक्स 0.207 मिलीमीटर तक पतला था। कॉर्टेक्स का इतना पतला स्तर अल्जाइमर (Obesity aging) के जोखिम को बढ़ा देता है।
एक स्वस्थ व्यक्ति का बीएमआई लेवल 18.5 से 24.9 तक और कोर्टेक्स लेवल 0.01 और 0.10 प्रति दशक के बीच होता है। सामान्य वजन समूह में कमर का औसत आकार 33 इंच था जबकि वजन वाले समूह का औसत आकार 36 इंच था। मोटे (Obesity aging) लोगों की कमर का औसत 41 इंच तक पहुंच जाता है। इस अध्ययन के वरिष्ठ लेखक तात्जाना रंडेक बताते हैं कि, "हमारे नतीजे संकेत देते हैं कि अधिक वजन आपकी उम्र की रफ्तार को एक दशक तक बढ़ा देता है। यानी मोटे लोग दस साल पहले बूढ़े (Obesity aging) हो जाते हैं। इनमें वे सभी बीमारियां होने का खतरा रहता है जो लोगों को बुढ़ापे में घेरती हैं। मेमोरी लॉस होने के साथ ही डिमेंशिया और अल्जाइमर भी इनमें से एक हैं। हाई बीपी और डायबिटीज वे सामान्य बीमारियां हैं जो हर दूसरे मोटे व्यक्ति को घेर लेती हैं।
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