एक तरफ भारत के अधिकांश राज्य कोरोना मुक्त होते जा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे कई ऐसे राज्य हैं जहां पर कोरोना के मामलों में निरंतर बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में उन राज्यों की लड़ाई कमजोर पड़ सकती है, जहां पर कोरोना के मामले कम हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, लद्दाख, लक्ष्यदीप, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश के अलावा दादर नगर हवेली अंडमान निकोबार में कोरोना के मामले सबसे कम हैं। वहीं केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में कोरोनावायरस संक्रमण सबसे ज्यादा हैं, वहीं पूर्वोत्तर राज्यों की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है।
कोरोना से केरल में मचा कोहराम
स्वास्थ्य व्यवस्था के मामले में नंबर वन कहे जाने वाले केरल राज्य की स्थिति सबसे खराब है। इस राज्य में देश के कुल कोरोना संक्रमित ओं की संख्या का प्रतिशत आधे से ज्यादा है। पिछले दो दिनों की बात करें तो इस दौरान केरल में कोरोनावायरस के मामलों में वृद्धि देखी गई है मंगलवार को केरल में कोरोना के 24 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे। जबकि बुधवार को करीब 18 हजार लोग कोरोनावायरस से संक्रमित हुए। यह आंकड़े बताते हैं कि केरल में कोरोना किस तरह से वहां की जनता के बीच कोहराम मचा रखा है। पिछले 24 घंटे में केरल में कोरोना से 215 लोगों की मौत हुई है।
पिछले 24 घंटे में कोरोनावायरस के कुल मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में अभी भी 335725 एक्टिव मामले हैं, जबकि पिछले 24 घंटों में 11398 नए मामले सामने आए हैं। वही देशभर में कोरोना से 607 लोगों की मौत हुई है। 34159 लोगों को डिस्चार्ज किया गया है। अगर वैक्सीनेशन की बात करें तो पिछले 24 घंटों में 80 लाख 40 हजार 407 वैक्सीन की डोज दी गई है। देशभर में अब तक 60 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज लगाई जा चुकी है।
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