केला ही नहीं, केले की जड़ भी है सेहत के लिए फायदेमंद, जानें इसका उपयोग

इसमें सेरोटोनिन, टैनिन, डोपामाइन, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, नॉर-एपिनेफ्रीन और हाइड्रोऑक्‍सीप्‍टामाइन आदि पोषक तत्व होते हैं जो हमारे अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देते हैं !

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Written By: Yogita Yadav | Published : January 31, 2019 8:49 PM IST

अकसर आपने केले खाने के फायदे के बारे में सुना होगा। पर क्‍या आप जानते हैं कि केले के पेड़ के अन्‍य भाग भी सेहत के लिए बहुत ज्‍यादा फायदेमंद होते हैं। खासतौर से केले के पेड़ की जड़ तो कई तरह की बीमारियों से भी निजात दिलाती है। आइए आपको बताते हैं केले की जड़ के फायदे और इसका उपयोग करने का सही तरीका।

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पोषक तत्‍वों से भरपूर है केले की जड़

केले की जड़ में कई प्रकार के पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ होते हैं जो कि अन्‍य पौधों की जड़ों की अपेक्षा कहीं अधिक हैं। इसमें सेरोटोनिन, टैनिन, डोपामाइन, विटामिन ए, विटामिन बी, विटामिन सी, नॉर-एपिनेफ्रीन और हाइड्रोऑक्‍सीप्‍टामाइन आदि पोषक तत्व होते हैं जो हमारे अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देते हैं और हमारी शारीरिक परेशानियों को दूर कर सकते हैं।

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केले की जड़ के फायदे

अपने भरपूर पोषक तत्‍वों की उपस्थिति के कारण यह हमें विभिन्‍न प्रकार की समस्‍याओं से छुटकारा दिलाता है। हालांकि केले की जड़ों पर कोई गहन अध्‍ययन नहीं हुआ है, लेकिन ऐसा माना जाता है कि केले की जड़ें कई बीमारियों के इलाज के लिए दवा के रूप में उपयोग किया जा सकता है। जिनमें हेमेटुरिया, मूत्र के साथ खून आना, मूत्राशय के संक्रमण आदि समस्‍याएं शामिल होती हैं। इसके अलावा भी केले की जड़ के अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य लाभ होते हैं जो इस प्रकार हैं।

बुखार के लिए केले की जड़ के फायदे - केले की जड़ में एंटीप्रेट्रिक गुण होते हैं जो शरीर पर शीतलन प्रभाव दे सकता है। केले की जड़ के शीतलन प्रभाव शरीर के उच्‍च तापमान को कम करने और इससे छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं। एंटीप्रेट्रिक शब्‍द खुद ही एक चिकित्‍सकीय शब्‍द होता है जो रक्‍त के प्रवाह को तेज करके बुखार से राहत दिलाने में मदद करता है और शरीर की गर्मी को त्‍वचा छिद्रों (pores) से पसीने के माध्‍यम से बाहर निकाल देता है। इस प्रकार से आप बुखार से राहत पाने के लिए केले की जड़ का उपयोग कर सकते हैं।

सूजन कम करे - आयुर्वेद उपचार में केले की जड़ का उपयोग पुरानी से पुरानी सूजन को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह बहुत ही विश्‍वशनीय और पारंपरिक दवा के रूप में जानी जाती है। यदि आपके गले में सूजन है तो आप इसके उपचार के लिए केले की जड़ को अच्‍छी तरह से साफ करके इसे पीस लें और बने हुए पेस्‍ट को निचोड़कर (squeezing) इसका रस निकाल लें। आप केले की जड़ से बने इस जूस में थोड़ा सा पानी मिलाएं और इस मिश्रण से गरारे करें। ऐसा आप दिन में 3-4 बार करें जब तक की आपकी सूजन कम न हो जाए।

अल्‍सर के लिए – केले की जड़ पर डोपामाइन की सामग्री गैस्ट्रिक एसिड को बनने से रोक सकती है जिससे कि अल्‍सर रोग की शुरुआत को रोकने में मदद मिलती है। इसलिए केले की जड़ का उपयोग आयुर्वेद में पेट की समस्‍याओं को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है।

मस्तिष्‍क के लिए लाभकारी – आप अपने मस्तिष्‍क को स्‍वस्‍थ्‍य रखने और मस्तिष्‍क की नसों की सूजन को दूर करने के लिए केले की जड़ का उपयोग कर सकते हैं। मस्तिष्‍क की नसों में सूजन आना आपके जीवन के लिए घातक हो सकता है। आप इस प्रकार की समस्‍या से निपटने के लिए केले की जड़ का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए आप केले की जड़ की लगभग 200 ग्राम मात्रा लें और इसे साफ पानी से अच्‍छी तरह धो लें। इस जड़ को ग्‍लाइंडर की सहायता से पानी मिलाकर इसका जूस तैयार करें और इसका नियमित सेवन करें। यह आपके मस्तिष्‍क के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।

उच्‍च रक्‍तचाप का इलाज - यदि आप उच्‍च रक्‍तचाप से पीड़ित हैं और इसके लिए किसी प्रकार का घरेलू उपचार ढूंढ़ रहे हैं तो आपको ज्‍यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। केवल आपको केले की जड़ों का इस्‍तेमाल करना है। उच्‍च रक्‍तचाप वाले रोगियों के लिए केले की जड़ बहुत ही फायदेमंद होती है। इसके लिए आपको केले की जड़ों को उबालने की आवश्‍यकता होती है। आप 30 से 120 ग्राम तक केले की जड़ लें और साफ करने के बाद इसे उबाल लें। इस उबले हुए पानी को ठंडा होने के बाद आप चाय की तरह पी सकते हैं। अच्‍छे परिणाम पाने के लिए आपको इस चाय का सेवन प्रतिदिन नियमित रूप से 3-4 बार करना चाहिए। यह आपके रक्‍तचाप को कम करने में मदद करेगी।

आंखों के लिए – आप अपनी आंखों के अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए केले की जड़ का उपयोग कर सकते हैं, क्‍योंकि केले की जड़ों में विटामिन ए अच्‍छी मात्रा में उपस्थित होता है। हालांकि केले की जड़ के फायदे, गाजर के फायदे के बराबर नहीं होते हैं। लेकिन केले की जड़ का सेवन कर हम अपने शरीर के लिए आवश्‍यक विटामिन ए की जरूरतों को पूरा कर सकते हैं। जो कि हमारे शरीर के विकास और आंखों को स्‍वस्‍थ्‍य रखने में हमारी मदद करते हैं।

त्‍वचा रोग में फायदेमंद - त्‍वचा संबंधी समस्‍याओं को दूर करने के लिए उपचार के लिए एंटी-इंफ्लामेटरी और एंटी-पायरेरिक गुण बहुत ही मददगार होते हैं। ये गुण केले की जड़ में अच्‍छी मात्रा में उपस्थित होते हैं। इस कारण केले की जड़ का उपयोग कर आप अपनी त्‍वचा से संबंधित समस्‍याओं का उपचार कर सकते हैं।

दर्द को दूर करे – यदि आपको या आपके बच्‍चों को चोट के कारण दर्द हो रहा है तो आप इस दर्द को दूर करने के लिए केले की जड़ का उपयोग कर सकते हैं। केले की जड़ें दर्द से राहत दिलाने में आपकी मदद कर सकतीं हैं। केले की जड़ों में टैनिन अच्‍छी मात्रा में मौजूद रहता है जो कि घावों या चोट के दर्द को कम करने में मदद करता है। चोट लगने के दौरान रक्‍त को बहने से रोकने और रक्‍तवाहिकाओं को बंद करने के लिए आप केले के जूस का उपयोग भी कर सकते हैं।

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