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दक्षिण भारतीय से बेहतर है उत्‍तर भारतीय भोजन: रिसर्च

दक्षिण भारतीय भोजन से बढ़ जाती है हृदय संबंधी बीमारियों की संभावना।

बेकन,  अलग- अलग तरह की सॉसेज, तला हुआ चिकन और मैश किए हुए आलू यह स्‍वाद के लिए तो अच्‍छा हो सकता है, लेकिन दक्षिणी भारतीय खानपान के ये प्रमुख तत्‍व दिल की सेहत के लिए अच्‍छे नहीं हैं। हाल ही में हुए एक शोध में यह तथ्‍य सामने आया है।

क्‍या कहती है रिसर्च

एक शोध में यह पता चला है कि जो लोग दक्षिण भारतीय भोजन खाते हैं, वे अपने खाने में अतिरिक्त वसा, अंडे, प्रसंस्कृत मीट और मीठे की मात्रा बहुत ज्‍यादा ले रहे होते हैं। इन लोगों में दिल के बीमार होने की संभावना ज्‍यादा होती है और दिल की बीमारी होने पर उनके लिए मृत्‍यु के जोखिम भी ज्‍यादा होते हैं। जबकि उत्‍तर और मध्‍य भारतीय खानपान में मौजूद डेयरी उत्‍पाद, फल, हरी सब्जियां, सलाद, मोटे अनाज और दालें इस संभावना को कम करती हैं।

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अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित नए शोध में यह दावा किया गया है कि जो लोग दक्षिण भारतीय भोजन ग्रहण करते हैं उनमें हृदय रोग की संभावना अधिक रहती है। भले ही यह दक्षिण भारतीय भोजन है, लेकिन इन दिनों इसे पसंद करने वालों की संख्‍या पूरे अमेरिका में लगातार बढ़ रही है।

एमोरी यूनिवर्सिटी में कार्डियोलॉजी विभाग में असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ मोडल ओगुन्नियेई का कहना है कि "दुर्भाग्यवश, ये खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध है और किफायती भी है। परंतु यही आसान पहुंच अनहेल्‍दी हेबिट्स को बढ़ावा देती है।"

कैसे किया गया शोध  

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में उन लोगों पर ध्यान केंद्रित किया गया जिन्‍हें पहले ही हृदय संबंधी बीमारियां थीं। जिनकी कभी बायपास सर्जरी हुइ्र थी या जिन्‍हें दिल का दौरा पड़ चुका था।

शोधकर्ताओं ने संयुक्त राज्य अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में 45 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 3,562 अफ्रीकी-अमेरिकी लोगों के आंकड़े जुटाए। 7 वर्षों से अधिक समय तक हुए इस अध्‍ययन में पाया गया कि इनमें 16.3 प्रतिशत प्रतिभागियों में हृदय संबंधी बीमारियां थी और इनमें से 31 प्रतिभागियों की मृत्यु हो गई थी। इनमें से अधिकांश की डायट में दक्षिणी भारतीय भोजन शामिल था।

अध्‍ययन में यह भी सामने आया कि इन लोगों के शरीर में द्रव्यमान सूचकांक, मोटापा, सिस्टोलिक रक्तचाप  अधिक पाया गया। इनमें मधुमेह की संभावना भी अधिक थी। इन स्थितियों को नियंत्रित करने के लिए दवाओं का इस्‍तेमाल करने की सलाह दी गई।

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क्‍या है स्‍वस्‍थ विकल्‍प

अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ने साबुत अनाज, फल, सब्जियां, कम वसा वाले डेयरी उत्पादों,  फलियां, मछली और नॉनट्रोपिकल तेलों से बने आहार की सलाह दी। इसके साथ ही संतृप्त वसा, मिठाई, मीठे पेय पदार्थ, लाल मांस और हाई सोडियम युक्‍त भोजन को भी नियंत्रित करने की सलाह दी गई।  ओगुनियी का मानना है कि छोटे बदलाव स्वस्थ जीवनशैली के लिए बहुत कारगर हो सकते हैं। इससे दिल का दौरा और स्‍ट्रोक का खतरा भी कम हो जाता है। योजना बनाकर इन छोटे बदलावों को जल्‍द ही अपनी खानपान की आदतों में शामिल किया जाना चाहिए।

चित्रस्रोत: Shutterstock.

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