Norovirus In Kerala: केरल में अब नोरो वायरस का प्रकोप, वायनाड में मिले 13 संक्रमित, जारी किए गए विशेष दिशानिर्देश

राज्य में नोरो वायरस के मामले सामने आने के बाद केरल राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज ने इस बीमारी से लोगों को सावधान रहने की सलाह दी। इसके साथ ही राज्य में नोरो वायरस से जुड़ी विशेष गाइडलाइंस भी जारी की गयीं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : November 12, 2021 11:31 PM IST

Norovirus In Kerala: केरल के वायनाड जिले में नोरो वायरस (Norovirus) के 13 मामले मिले हैं जिसके बाद राज्य में लोगों को सुरक्षित रहने के लिए कहा गया है और विशेष दिशानिर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। गौरतलब है भारत में कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित होने वाले राज्यों में से एक केरल (Kerala) भी रहा है। वर्तमान में भी कोरोना वायरस का प्रभाव केरल राज्य में व्यापक स्तर पर दिखायी दे रहा है। वहीं, इस बीच राज्य में एक नये वायरस का पता चला है जिसके कोरोना वायरस से भी अधिक संक्रामक बताया जा रहा है। इस नये वायरस का नाम है नोरो वायरस। राज्य में नोरो वायरस के मामले सामने आने के बाद केरल राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज (Veena George) ने इस बीमारी से लोगों को सावधान रहने की सलाह दी। इसके साथ ही राज्य में नोरो वायरस से जुड़ी विशेष गाइडलाइंस भी जारी की गयीं।

मिली जानकारी के अनुसार, लगभग 2 सप्ताह पहले वायनाड (Wayanad) के एक पशु चिकित्सा कॉलेज के 13 छात्रों में नोरो वायरस के संक्रमण के लक्षण दिखने की खबर सामने आयी थी। बताया जा रहा है यह घटना वायनाड के विथिरी क्षेत्र के पास के कॉलेज की है। राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज इस मामले पर ताजा जानकारी देते हुए कहा है कि, ''घबराने की कोई बात नहीं है पर, लोगों को इस संक्रमण के बारे में सावधान और सचेत रहना चाहिए। क्षेत्र में सुपर क्लोरीनेशन सहित अन्य सुरक्षा गतिविधियां चल रही हैं। इसके साथ ही जलस्रोतों, खासकर पेय जल के स्रोतों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की ज़रूरत है।'' जॉर्ज के अनुसार, सावधानी बरतने और सही इलाज मिलने से लोगों को इस संक्रमण से सुरक्षित रख पाना संभव हो सकता है। इसीलिए महत्वपूर्ण है कि हर व्यक्ति को इस वायरस से सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में सही जानकारी प्राप्त हो। (Noreovirus prevention and precautions)

नोरो वायरस के कारण और लक्षण क्या हैं?

पशुओं से इंसानों तक फैलने वाले वायरस के कारण नोरो वायरस संक्रमण (How does norovirus spread) हो सकता है। नोरो वायरस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम ( Gastrointestinal System) से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, नोरो वायरस का असर स्वस्थ लोगों में बहुत अधिक नहीं दिखायी पड़ता, लेकिन अधिक उम्र के लोगों, छोटे बच्चों, बुजुर्गों और किसी बीमार से पीड़ित लोग जिनकी इम्यूनिटी कमज़ोर होती है और जो शारीरिक स्तर पर अस्वस्थ होते हैं, उनमें नोरो वायरस से गम्भीर संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। नोरो वायरस का प्रसार एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक आसानी से हो सकता है। इसीलिए, नोरो वायरस संक्रमित व्यक्ति के  सम्पर्क में आने वाले लोगों से  दूसरे व्यक्तियों  तक इस वायरस के प्रसार की संभावना भी बढ़ जाती है। नोरो वायरस संक्रमण में इस तरह के लक्षण दिख सकते हैं-

  • पेट में दर्द और सूजन
  • आंतों में सूजन
  • डायरिया और
  • बहुत अधिक उल्टी या बार-बार उल्टी होना

नोरो वायरस से सुरक्षित रहने के लिए गाइडलाइंस

केरल के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी गाइडलाइंस में नोरो वायरस संक्रमण से बचाव के उपाय और अन्य सावधानियों के बारे में बताया गया है। ये गाइडलाइंस इस प्रकार हैं-

  • नोरो वायरस से संक्रमित लोगों को पर्याप्त आराम करना चाहिए और घर पर ही रहना चाहिए।
  • हमेशा उबला हुआ पानी पीएं। ओआरएस का सेवन करें
  • हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान दें। भोजन से पहले और शौचालय का इस्तेमाल करने के बाद हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करें।
  • जानवरों के सम्पर्क में आने वाले लोगों को खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए और साफ-सफाई का ध्यान रखना चाहिए।

(डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)

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