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नोएडा हाईराइज में आग, धुएं में फंस जाएं तो जान बचाने के लिए तुरंत करें ये 3 काम

आज सुबह नोएडा की हाई-राइज सोसाइटी के एक फ्लैट में आग लग गई। फिलहाल खबरों में बताया जा रहा है कि एसी के ब्लास्ट होने की वजह से आग लगी है। आइए जानते हैं इस खबर के बारे में-

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Written By: Kishori Mishra | Published : June 29, 2026 11:58 AM IST

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Medically Verified By: Dr. Vighnesh Y

नोएडा के सेक्टर-119 स्थित अरान्या सोसायटी में सोमवार की सुबह भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जांच से पता चल रहा है कि आग एयर कंडीशनर (AC) में खराबी या ब्लास्ट के कारण लग सकती है। आग की सूचना मिलते ही दमकल की 6 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया गया। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, आग लगने की अंतिम वजह की जांच जारी है।

बता दें पिछले कुछ सप्ताह में नोएडा और आसपास के इलाकों में हाई-राइज इमारतों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसी महीने सेक्टर-75 स्थित आइवी काउंटी सोसायटी की 12वीं मंजिल पर भी आग लग गई थी, जिसके बाद पूरी इमारत को खाली कराना पड़ा था। वहीं, बीते 3 जून को दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल और रेस्टोरेंट वाली इमारत में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल थे। वहीं, पिछले दिनों लखनऊ के कोचिंग सेंटल में भी आग की खबर सामने आई थी।

इन सब घटनाओं में बात सबसे कॉमन था, वो ये था कि  ज्यादातर लोगों की मौत  या गंभीर हालत आग से नहीं बल्कि धुएं में दम घुटने की वजह से हुई थी। धुएं आग से ज्यादा खतरनाक क्यों होते हैं? धुएं में कोई इंसान फस जाए, तो  बचने के लिए क्या करना चाहिए? इसकी जानकारी के लिए हमने हैदराबाद स्थिति यशोदा हॉस्पिटल के जनरल मेडिसिन सीनियर कंसल्टेंट डॉक्टर विघ्नेश वाई से बातचीत की है। आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब-

आग से ज्यादा धुआं खतरनाक क्यों होता है?

विघ्नेश वाई का कहना है कि आग लगने की घटनाओं में अधिकांश लोगों की जान सीधे लपटों से नहीं, बल्कि जहरीले धुएं की वजह से जाती है। किसी भी इमारत में आग लगने पर प्लास्टिक, फर्नीचर, तारों की इंसुलेशन और सिंथेटिक सामान जलने से कार्बन मोनोऑक्साइड, हाइड्रोजन सायनाइड और अन्य जहरीली गैसें निकल सकती हैं। इन गैसों के संपर्क में आने पर व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, लगातार खांसी, चक्कर आना, सिरदर्द और घबराहट जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर मामलों में शरीर में ऑक्सीजन की कमी, बेहोशी, फेफड़ों को नुकसान और जान का खतरा भी पैदा हो सकता है।

धुएं में फंस जाएं तो क्या करें?

अगर आप धुएं में बस जाएं, तो इससे निकलने के लिए आप कुछ टिप्स अपना सकते हैं, जैसे-

झुककर रेंगते हुए बाहर निकलें

डॉक्टर कहते हैं कि अगर किसी इमारत में आग लग जाए और धुआं भरने लगे, तो सबसे पहले घबराएं नहीं। जमीन के करीब झुककर या रेंगते हुए बाहर निकलने की कोशिश करें, क्योंकि जहरीला धुआं ऊपर की ओर तेजी से फैलता है।

कमरे के दरवाजे और दरारों को गीले तौलिए से ढक दें

अगर बाहर निकलना संभव न हो, तो कमरे का दरवाजा बंद कर दें और दरारों को गीले तौलिये या कपड़े से ढक दें ताकि धुआं अंदर कम आए। नाक और मुंह को गीले कपड़े से ढककर सांस लें और तुरंत फायर ब्रिगेड या आपातकालीन सेवाओं को सूचना दें।

हाई-राइज में रहने वालों को होनी चाहिए निकासी की जानकारी

डॉक्टर कहते हैं कि हाई-राइज इमारतों में रहने वाले लोगों को फायर एग्जिट, इमरजेंसी अलार्म और निकासी मार्ग की जानकारी पहले से होनी चाहिए। साथ ही एसी, बिजली की वायरिंग और अन्य इलेक्ट्रिकल उपकरणों की नियमित सर्विसिंग कराना भी ऐसी घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

Disclaimer : यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। आग लगने या धुएं से जुड़ी किसी भी आपात स्थिति में तुरंत फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करें। यदि किसी व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी, सीने में दर्द, लगातार खांसी या धुएं के संपर्क में आने के बाद कोई गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लें।