चिकित्सा क्षेत्र में तीन वैज्ञानिकों को नोबेल पुरस्कार हाइपोक्सिया शोध के लिए दिया जाएगा

नोबेल पुरस्कार 2019 में चिकित्सा क्षेत्र में इस वर्ष 3 वैज्ञानिकों को पुरस्कार. विलियम जी केलिन, सर पीटर जे रैटक्लिफ और ग्रेग एल सेमेन्जा को 'शरीर की कोशिकाएं ऊर्जा को जलाने के लिए ऑक्सीजन का उपयोग कैसे करती है' विषय पर शोध करने के लिए दिया जाएगा.

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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : October 7, 2019 7:12 PM IST

नोबेल पुरस्कार 2019 की घोषणा सोमवार से शुरू हो चुकी है. चिकित्सा क्षेत्र में इस वर्ष तीन वैज्ञानिकों को पुरस्कार के लिए नामित किया गया है. विलियम जी केलिन, सर पीटर जे रैटक्लिफ और ग्रेग एल सेमेन्जा को 'शरीर की कोशिकाएं ऊर्जा को जलाने के लिए ऑक्सीजन का उपयोग कैसे करती है' विषय पर शोध करने के लिए दिया जाएगा. शरीर की कोशिकाएं ऊर्जा का उपयोग करके नये ऊतकों के निर्माण और उनकी मजबूत बनाए रखने का काम करती हैं.

इस वर्ष के नोबेल पुरस्कार की घोषणा करते हुए जूरी ने बताया कि चिकित्सा क्षेत्र के वैज्ञानिकों ने ऑक्सीजन का लेवल किस तरह से शरीर के सेलुलर मेटाबॉलिज्म और बॉडी मुवमेंट को प्रभावित करता है. नोबेल पुरस्कार देने वाली जूरी के अनुसार इन वैज्ञानिकों की खोज कैंसर, एनीमिया सहित कई अन्य बीमारियों के लिए नये तरीके और रणनीति के रास्ते को खोल सकती है.

हाइपोक्सिया क्या है

What is hypoxia in hindi

सामान्यतः हाइपोक्सिया उस स्थिति को कहते हैं जब शरीर के ऊतकों में ऑक्सीजन की पूर्ती ठीक से नहीं होती है. हाइपोक्सिया की वजह से शरीर में कंपन और सांस लेने में तकलीफ का भी सामना करना पड़ सकता है.

नवजात शिशु अगर समय से पहले जन्म लेता है तो उसमें हाइपोक्सिया का खतरा रहता है. वैज्ञानिकों के अनुसार समय पूर्व जन्म के कारण फेफड़े और हार्ट के ठीक से विकसीत नही हो पाते हैं.

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