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Covid 19 in india: कोरोना का भय अब ज्यादातर लोगों के मन से निकल चुका है, अब सार्वजनिक स्थानों पर भी लोगों को बिना किसी मास्क के देखा जा रहा है। सरकार कुछ महीने पहले सरकार द्वारा जनता को कोरोने के लिए दिए गए निर्देशों का पालन भी इतने अच्छे से नहीं किया गया था। यहां तक कि कुछ एक्सपर्ट्स का भी यही कहना है। आईसीएमआर के पूर्व बड़े वैज्ञानिक डॉक्टर रमन गंगाखेडकर ने न्यूज18 को बताया कि “कोविड 19 का खतरा अब कम होता दिख रहा है, क्योंकि पिछले साल से कोरोना का कोई नया वेरिएंट देखने को नहीं मिला है”
(coronavirus in hindi)
लगभग एक साल पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रोन का चिंताजनक बताया था। इसके बाद कोरोना का कोई ऐसा स्वरूप नहीं आया जिससे डब्ल्यूएचओ ने खतरा जताया हो। एक्सपर्ट्स के अनुसार ओमिक्रोन ही वर्तमान तक का सबसे हावी कोरोना स्वरूप रहा है। न्यूज 18 की वेबसाइट से मिली जानकारी के अनुसार देश के बड़े वैज्ञानिकों ने माना है कि पहले हर 6 महीने में कोरोना की एक लहर आती थी, जबकि पिछले साल से ऐसे किसी लहर को नहीं देखा गया है।
डॉक्टर गंगाखेटकर के अनुसार अब दुनिया में बदलाव का विकास देखा जा रहा है, जिसमें रोगाणु दवाओं और मानव शरीर के इम्यून सिस्टम से प्रतिक्रिया करके खुद को बदल लेते हैं और उनके नए वेरिएंट्स तैयार हो जाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि “कोरोना वायरस भी समय के साथ-साथ खुद को बदलता जा रहा है, जिससे यह और ज्यादा संक्रामक हो रहा है लेकिन कम हानिकारक बना रहा है”
डॉक्टर गंगाखेटकर मास्क पहनने की आदत को सही बताते हुए कहते हैं कि खासतौर पर बुजुर्ग व जिन्हें पहले से ही किसी प्रकार की बीमारी है उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर मास्क जरूर पहनना चाहिए। उन्होंने बताया कि वे भी सार्वजनिक स्थानों और मीटिंग में मास्क का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने सलाह दी कि अगली महामारी को फैलने से पहले ही कंट्रोल करने के लिए ही ‘वन हेल्थ सर्विलांस’ पर फोकस करना चाहिए।