Advertisement

दिल्ली-एनसीआर में सालभर चलेगा ''नो कैंसर'' अभियान - जानें क्या है खास बात

इस अभियान की शुरुआत के साथ एक मोबाइल कैंसर वैन रवाना की गई। अभियान के तहत, ब्रेस्ट, सर्वाइकल, प्रोस्टेट और सिर व गले के कैंसर की जांच के लिए विभिन्न स्थानों में कैंसर कैंप लगाने का एक साल लंबा कार्यक्रम शुरू किया गया है।

कैंसर की जागरूकता के लिए दिल्ली-एनसीआर में बीएलके सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटन और रैडियंट लाइफ केयर फाउंडेशन ने साथ मिलकर नो कैंसर अभियान की शुरूआत की है। यह अभियान अपने आप में खास है क्यों कि यह अभियान पूरे साल चलेगा जो दिल्ली एनसीआर के अलग-अलग एरिया में कैंप लगाकर जागरूकता फैलाएगा।

कल 3 जूलाई को  इस अभियान की शुरुआत के साथ एक मोबाइल कैंसर वैन रवाना की गई। अभियान के तहत, ब्रेस्ट, सर्वाइकल, प्रोस्टेट और सिर व गले के कैंसर की जांच के लिए विभिन्न स्थानों में कैंसर कैंप लगाने का एक साल लंबा कार्यक्रम शुरू किया गया है।

यह अभियान दिल्ली से शुरू होकर हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों में जाएगा। इस कैंप में बीएलके सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के विशेषज्ञों द्वारा स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ परामर्श दिया जाएगा।

Also Read

More News

बीएलके सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ऑपरेशन एंड प्लानिंग के निदेशक डॉ. मृदुल कौशिक ने बताया कि, "लोगों के बीच कैंसर के बारे में तुरंत जागरूकता फैलाने की जरूरत है। इस बीमारी से जुड़े जोखिमों से बचने के लिए जल्दी जांच और इलाज करने के महत्व के बारे में उन्हें जागरूक बनाना इस अभियान का मकसद है।"

डब्ल्यूएचओ के अनुमानों के अनुसार, भारत में हर साल प्रत्येक 50,000 महिलाओं में से एक में स्तन कैंसर का पता चलता है। साल 2030 तक यह बढ़कर दो महिला में होने की आशंका है। हर साल सर्वाइकल कैंसर के अनुमानत: लगभग 5,00,000 नए मामलों और 2,50,000 मृत्यु के साथ, सवाईकल कैंसर महिलाओं में सबसे आम और तेजी से फैलने वाला कैंसर है।

डॉ. कौशिक के अनुसार, "कैंसर से होने वाली ज्यादातर मौतें जागरूकता में कमी, बीमारी के बारे में जानकारी न होना और उचित व सही इलाज की कमी की वजह से होती हैं, जो तुरंत सुधार करने योग्य चिंता का एक बड़ा विषय है। हालांकि, कैंसर जैसी बीमारी को ठीक करने और संभालने के लिए चिकित्सा और सर्जरी के क्षेत्र में उन्नति के साथ उम्मीद की एक किरण जगी है।"

सामान्यतौर पर यह पाया गया है कि आमतौर पर लोग कैंसर को अंतिम समय में जान पाते हैं लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। समय पर उचित इलाज के साथ कैंसर काफी हद तक ठीक करने योग्य बीमारी है।

स्रोत:IANS Hindi.

चित्रस्रोत:Shutterstock.

Stay Tuned to TheHealthSite for the latest scoop updates

Join us on