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Written By: Pallavi Kumari | Updated : May 2, 2022 9:41 AM IST
No 4th wave in india: भारत के कई राज्यों में कोविड -19 मामलों में जहां बढ़ोतरी देखी जा रही है तो वहीं, कुछ राज्यों में कोरोना के संक्रमण दर में कमी भी देखने को मिल रही है। इस स्थिति में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने रविवार को सूचित किया कि हाल के आंकड़ों ने कोरोनोवायरस संक्रमण की चौथी लहर की शुरुआत का संकेत नहीं दिया है, इसलिए ये इस बात का संकेत हो सकता है कि कोरोना की चौथी लहर आई ही ना। बता दें कि पिछले 24 घंटे में कोरोना के 3,157 नए केस आए हैं जो कि कल की तुलना में 5 फीसदी तक कम है। हालांकि, पिछले हफ्ते मामले जहां बढ़ रहे थे, वहीं इस हफ्ते कोरोना के मामले तेजी से घट रहे हैं। आईसीएमआर के अतिरिक्त महानिदेशक समीरन पांडा की मानें तो, भारत में डेली कोविड -19 मामलों की संख्या में मौजूदा स्पाइक को देखते हुए इसे महामारी की चौथी लहर का संकेत नहीं माना जा सकता है।
ICMR अधिकारी का यह बयान दुनिया के विभिन्न हिस्सों में लगातार उठापटक और कई नए वेरिएंट और रीकॉम्बिनेंट स्ट्रेन के उभरने के बीच आया है। महानिदेशक समीरन पांडा की मानें तो, तो कोरोना के मामलों में तेजी ज्यादातर लॉकल और जिला स्तर पर देखी गई है और इसलिए ये कहना गलत होगा कि आगे चल कर ये कोरोना की चौथी लहर का रूप ले सकता है।
ICMR अधिकारी समीरन पांडा ने कोरोना की चौथी लहर ना आने के पीछे कई तथ्य भी दिए हैं। जैसे कि कुछ स्थानीय स्तरों पर ही कोरोना के केस में उछाल पाया गया है जो कम टेस्टिंग के कारण है। दूसरी बात, हम जो देख रहे हैं वह सिर्फ एक झटका है और हम यह नहीं कह सकते कि पूरे राज्य कोविड की चपेट में हैं। तीसरा तथ्य समीरन पांडा ये देते हैं कि देश भर में अस्पताल में एडमिट होने वाले मरीजों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं देखी गई है और आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक कोई नया कोरोना वैरिएंट नहीं मिला है जो दर्शाता है कि इसके कारण कोरोना की चौथी लहर आ सकती है।
इसके अलावा पांडा ने देश के कई हिस्सों में बढ़ती सकारात्मकता दर के बारे में बात की और कहा कि कभी-कभी कम परीक्षण के कारण दर बढ़ जाती है। इस बीच, स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के कारण 40 मौतें हुईं, जिससे कुल मृत्यु का आंकड़ा 5,23,843 हो गया। वहीं एक्टिव केस की संख्या देखें तो 19,092 हैं और देश में आज 2,876 लोग ठीक भी हुए, जिससे कुल ठीक होने वालों की संख्या 4,25,36,253 हो गई।
इसके अलावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association) की एक रिपोर्ट सामने आई है जो कहती है कि बूस्टर डोज लेने वाले 70 प्रतिशत लोगों को कोरोना की तीसरी लहर के दौरान संक्रमण नहीं हुआ। इसलिए ये दर्शाता है कि लोगों को आगे बड़ कर बूस्टर डोज लगवाना चाहिए, खास कि उन लोगों को जिन्हें डायबिटीज जैसी बीमारियां हैं या फिर वो संक्रमण के लिए हाई रिस्क पर हैं।