निजामुद्दीन स्थिति तबलीगी जमात से 1033 को निकाला, 700 को किया क्वारंटाइन, 24 कोरोना पॉजिटिव

निजामुद्दीन मरकज (nizamuddin markaz) से मंगलवार तड़के 1033 लोगों को निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया है। इनमें 24 कोरोना पाजिटिव हैं और 700 को क्वारंटाइन किया गया है।

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Written By: Anshumala | Published : March 31, 2020 2:50 PM IST

Nizamuddin Corona cases Updates: दिल्ली के निजामुद्दीन में तबलीगी जमात के मरकज में कोरोना का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। निजामुद्दीन मरकज (nizamuddin markaz) से मंगलवार तड़के 1033 लोगों को निकालकर अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया गया है। इनमें 24 कोरोना पाजिटिव हैं और 700 को क्वारंटाइन किया गया है।

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि मरकज बिल्डिंग में जुटे लोगों का सही आंकड़ा नहीं है, लेकिन अनुमान है कि इस मरकज में लगभग 1500 से 1700 लोग ठहरे हुए थे, सभी को इस मरकज से निकाल दिया गया है। ये सभी लोग धार्मिक समारोह इज्तिमा में भाग लेने यहां आए हुए थे।

जैन ने कहा, "मरकज में कुल कितने लोग थे, इसकी पुख्ता जानकारी तो नहीं है लेकिन एक अनुमान के मुताबिक इसमें 1500 से 1700 लोग मौजूद रहे होंगे, जिमसें से 334 को अस्पताल भेज दिया गया है और 700 लोग क्वारंटाइन में हैं। इनमें 24 पाजिटिव मामले हैं।"

तबलीगी जमात (Nizamuddin Corona cases Updates) का यह भवन छह मंजिला है और इसमें में 2 हजार लोगों के रहने की व्यवस्था है। यह भवन निजामुद्दीन दरगाह से सटा हुआ है। मरकज में सोमवार को आए जिस शख्स की मौत हुई थी, अब उसके परिवार को क्वारंटाइन(एकांतवास) में भेजा गया है। यहां लोग जमात में शामिल होने के लिए 13 मार्च से जुटे थे। यहां कश्मीर, अंडमान, सऊदी, थाईलैंड, इंडोनेशिया से लोग जुटे थे।

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यहां से तेलंगाना लौटे छह लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही तेलंगाना और तमिलनाडु में निजामुद्दीन के मरकज से गए लोगों की तलाश जारी है। तेलंगाना में 194 लोगों को क्वारंटाइन किया गया, जबकि तमिलनाडु में 981 लोगों की पहचान करने के साथ ही उनका टेस्ट किया जा रहा है।

दिल्ली के निजामुद्दीन के तबलीगी जमात के मरकज में कई विदेशी भी शामिल थे। जमात के विदेशी मेहमानों में ज्यादातर मलेशिया और इंडोनेशिया के नागरिक बताए जा रहे हैं। दिल्ली आने से पहले ये समूह 27 फरवरी से 1 मार्च के बीच मलेशिया गया था, जहां ये लोग एक धार्मिक जलसे में शामिल हुए थे। जमात के कई लोगों के कोरोना से पीड़ित होने के मामले सामने आ चुके हैं।

पुलिस और मेडिकल की टीम भी सोमवार को फौरन मौके पर पहुंची। सोमवार देर रात तक मरकज को खाली कराने का सिलसिला चलता रहा। मरकज में शामिल कोरोना पाजिटिव में 10 लोग इंडोनेशिया के नागरिक हैं। 34 लोगों के सैंपल जांच के लिए अस्पताल भेजे गए हैं। इनकी रिपोर्ट का इंतजार है। इस बीच जान गंवाने वाले शख्स के 18 परिजनों को हैदराबाद में क्वारंटाइन में रखा गया है।

मरकज से सोमवार रात भी करीब 100 से ज्यादा संदिग्ध लोगों को तीन बसों में भरकर ले जाया गया। हेल्थ विभाग की टीम, क्षेत्र के डीएम और पुलिस की टीम ने मिलकर इन्हें मरकज से निकाला। इसमें जो ज्यादा बीमार लग रहे हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि संदिग्ध लोगों को नरेला में आइसोलेशन में भेजा गया है।

इस लापरवाही को लेकर तबलीगी जमात के सेंटर के मौलाना के खिलाफ केजरीवाल सरकार ने प्राथमिकी दर्ज कराने का फैसला किया है।

हालांकि, मरकज की तरफ से मौलाना यूसुफ ने सफाई दी है कि लॉकडाउन लागू होने से पहले ही वहां पर देशी विदेशी गेस्ट ठहरे हुए थे। लिहाजा उन्होंने सरकार के आदेश का पालन किया कि जो जहां है वहीं ठहरे।