निपाह का संक्रमण हुआ तेज अब तक 6 लोग आए चपेट में, जानिए कैसे फैलता है रोग और क्या हैं बचाव के उपाय

निपाह वायरस के संक्रमण से अब तक केरल के कोझिकोड में दो लोगों की जान जा चुकी है। फिलहाल 6 मरीज संक्रमित हैं और हाल ही में 24 साल के एक स्वास्थ्य कर्मी के संक्रमण की खबर सामने आ रही है।

WrittenBy

Written By: intern23.seo | Published : September 15, 2023 5:26 PM IST

केरल में निपाह वायरस तेजी से पांव पसार रहा है। तेजी से फैलते वायरस की वजह से लोग काफी ज्यादा चिंता में हैं। इससे कुल संक्रमितों की संख्या 6 पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सबसे पहले केरल के कोझिकोड जिले में 39 साल के एक व्यक्ति में निपाह के संक्रमण की पुष्टि की गई थी। वहीं राज्य सरकार का स्वास्थ्य विभाग लगातार इस खतरनाक वायरस से लोगों को अलर्ट कर रहा है। आइए जानते हैं निपाह वायरस के बारे में कुछ और..

क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने मीडिया को बताया कि एक 39 वर्षीय व्यक्ति के सैंपल में निपाह वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। मंत्री ने बताया कि केरल में मिला वायरस का स्ट्रेन बांग्लादेश से आया है, जिसे ज्यादा मृत्यु दर दर वाला पाया गया है।

लोगों पर रखी जा रही नजर

पिछले कुछ दिनों में राज्य में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं। कुल 6 संक्रमित लोगों के संपर्क में आए 700 लोगों कॉन्टैक्ट लिस्ट बनाई गयी है। जिसमें से 77 लोग हाई रिक्ट श्रेणी में रखे गए हैं। जोखिम वाले ज्यादातर लोग हेल्थ वर्कर हैं जो उन मरीजों की सेवा में लगे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि फिलहाल किसी संपर्क के व्यक्ति में गंभीर लक्षण देखने को नहीं मिल रहे हैं, हालांकि उन पर हम अपनी पूरी नजर रखे हुए हैं।

केंद्र ने भेजी टीम

केरल में बढ़ते निपाह के खतरे को देखते हुए आसपास के राज्यों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं इसे लेकर केन्द्र सरकार भी काफी सतर्क है। केन्द्र सरकार ने अपनी एक एक्सपर्ट्स की टीम को राज्य का दौरा करने और वहां के हालात का जायजा लेने के भेज दिया है। बीते गुरुवार केंद्र की टीम केरल के कोझिकोड पहुंची और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की।

मोबाइल प्रयोगशाला की गई स्थापित

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, पुणे ने अपनी एक मोबाइल प्रयोगशाला कोझिकोड जिले में स्थापित की है। जिससे संदिग्ध संक्रमितों के सैंपल को तेजी से टेस्ट किया जा सके। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि तेजी से फैलते इस वायरस के खतरे को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि ये वायरस कितना ज्यादा खतरनाक है लेकिन कुछ अनुमानों के मुताबिक ये घातक हो सकता है।

कैसे करें निपाह से बचाव

  • वायरस के फैलाव का बड़ा कारण चमगादड़ बनते है। इस संक्रमण के खतरे को कम करने के लिए आपको ऐसे स्थानों पर जाने से बचना चाहिए, जहां चमगादड़ का रहना होता है।
  • बीमार जानवर या संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचाव करना चाहिए। यदि ऐसा करना जरूरी है तो आपको कुछ अधिक सुरक्षात्मक कपड़े पहनने चाहिए।
  • वायरस से संक्रमित लोगों के निकट संपर्क में आने से बचना चाहिए।
  • इसके अलावा हाइजीन के उपायों का ख्याल रखकर भी इस वायरस के संक्रमण को काफी कम किया जा सकता है।
Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source