
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 18, 2024 1:04 PM IST
लेबनान की राजधानी बेरूत में मंगलवार (17 सितंबर) को सीरियल ब्लास्ट (Lebanon Pager Explosion) हुए। इस घटना में अब तक 9 लोगों की मृत्यु की पुष्टि की गयी है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान एकसाथ कई पेजर्स में ब्लास्ट हुए और इन सीरियल ब्लास्ट्स की वजह से लगभग 2800 लोग घायल हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, हिजबुल्लाह संगठन ने बयान दिया है कि उसके सदस्यों और अन्य लोगों द्वारा इस्तेमाल किए पेजर में ब्लास्ट (Pager blasts in Lebonan) हुए। हालांकि, हिजबुल्लाह (Hezbollah) ने इन धमाकों की वजह नहीं बतायी है। उनका कहना है कि पेजर क्यों फटे और उनमें ब्लास्ट क्यों हुआ इसके सही कारण की जानकारी अभी तक नहीं मिली है।
ईरान की न्यूज एजेंसी ने पेजर में सीरियल ब्लास्ट (Lebanon serial blasts) होने की इस घटना में लेबनान में कार्यरत ईरान के राजदूत मोजतबा अमानी (Mojtaba Amani Ambassador, Iran) के घायल होने का भी दावा किया है। वहीं, हिजबुल्लाह के सदस्य और कई मेडिकल प्रोफेशनल्स भी घायल हुए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, इस सीरियल ब्लास्ट के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है और घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है जहां उनका इलाज किया जा रहा है।
पेजर और मोबाइल फोन जैसे गैजेट्स कम्युनिकेशन और एक-दूसरे तक संदेश पहुंचाने के महत्वपूर्ण साधन हैं और इनका इस्तेमाल दुनियाभर में किया जाता है। भारत की ही बात की जाए तो हमारे देश में 100 करोड़ से अधिक लोग मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हैं। लोगों से बातचीत करनी हो या किसी तरह का हिसाब-किताब करना हो, हर काम के लिए स्मार्टफोन्स की ही मदद ली जाती है। फोन जैसी डिवाइसेस का इस्तेमाल करने से जहां लोगों की ज़िंदगी आसान हो जाती है वहीं, उनकी हेल्थ के लिए मोबाइल और पेजर जैसी डिवाइसेस बहुत नुकसानदायक साबित हो सकती हैं।
दरअसल, फोन और पेजर जैसी डिवाइसेस से लगातार तरंगे या रेडिएशन (radiations from electronic devices) निकलती रहती हैं जो आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ दोनों को बुरी तरह प्रभावित कर सकती हैं।
मोबाइल रेडिएशन से स्ट्रेस और डिप्रेशन जैसी गम्भीर मानसिक समस्याएं (risk of mental health problems) बढ़ सकती हैं।
फोन के रेडिएशन से ब्रेन के डैमेज (brain damage) होने और ब्रेन कैंसर का रिस्क (risk of brain cancer) बढ़ता है।
रेडिएशन के सम्पर्क में आने से आंखों से जुड़ी समस्याएं (eyes related problems) बढ़ सकती हैं।
गर्भ में पल रहे बच्चों में बर्थ डिफेक्ट्स (birth defects) और न्यूरोडीजेनेरेटिव डिसऑर्डर्स (Neurodegenerative disorders) का खतरा भी बढ़ सकता है।
कुछ स्टडीज के अनुसार फोन का अधिक इस्तेमाल करने से महिलाओं और पुरुषों की प्रजनन क्षमता या फर्टिलिटी पॉवर कम(causes of low fertility power) हो सकती है।
आईसीएमआर (ICMR) की एक स्टडी में यह भी कहा गया है कि मोबाइल फोन से निकलने वाले रेडिएशन से लोगों के बहरे होने का रिस्क (uses of mobile phone and risk of deafness) भी बढ़ जाता है।