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Written By: Editorial Team | Published : March 21, 2018 1:36 PM IST
This report regarding air pollution will shock you. © Shutterstock
महानगरों में वायु प्रदूषण की समस्या से निजात दिलाने के उपायों की मांग को लेकर मंगलवार पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने दिल्ली और मुंबई में प्रदर्शन किया। दिल्ली के बदरपुर स्थित बिजली संयंत्र के सामने एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरण मंत्रालय से राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम को सार्वजनिक करने और प्रदूषण के कारकों को इस योजना में शामिल करने की मांग की, जिससे अगले तीन साल में 35 प्रतिशत प्रदूषण को कम करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को हासिल किया जा सके। मुंबई में भी वाशी पुल पर पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर 'मुंबई क्लीन एयर नाउ' की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के बारे में ग्रीनपीस इंडिया के प्रमुख कार्यकर्ता सुनील दहिया ने कहा, "हम यह संदेश देना चाहते हैं कि देश के लोग वायु प्रदूषण के खिलाफ एकजुट होकर अपने जीने के अधिकार के लिए संघर्ष करें। कुछ प्रदूषण फैलानी वाली कंपनियों के हितों की रक्षा के लिए आम लोगों के स्वास्थ्य की अनदेखी हमें स्वीकार्य नहीं है। सरकार थर्मल पावर प्लांट से हो रहे प्रदूषण को कम करने के प्रति गंभीर नहीं है। अगर सरकार गंभीर है तो राष्ट्रीय स्वच्छ हवा कार्यक्रम को सार्वजनिक किया जाए और उसे लागू करने के लिए जरूरी कदम उठाए।"
प्रदर्शन में शामिल पर्यावरण कार्यकर्ता रितेश द्विवेदी ने कहा, "हम यहां इसलिए हैं क्योंकि हमने इस स्थिति को बहुत बर्दाश्त कर लिया है और अब हम इस स्थिति को बदलते हुए देखना चाहते हैं । यह बदलाव तभी आएगा जब सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास को सार्वजनिक मंच पर रखा जाएगा।"
ग्रीनपीस इंडिया की रपट 'एयरपोक्लिप्स-2' में बताया गया है कि देश के 280 शहरों में 80 फीसदी वायु प्रदूषित हो चुकी है और सांस लेने योग्य नहीं है। इससे पूरे देश में 4 करोड़ 70 लाख बच्चे प्रभावित हैं और 58 करोड़ लोग जो वायु सांस में ग्रहण करते हैं उसकी गुणवत्ता को जांचने के कोई उपाय नहीं है।
स्रोत :IANS Hindi.