
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : October 16, 2024 4:01 AM IST
ब्रिटेन की स्वास्थ्य सुरक्षा एजेंसी (यूकेएचएसए) का कहना है कि कोविड-19 का नया वेरिएंट XEC ब्रिटेन में चिंता का कारण बन गया है, क्योंकि इसके कारण अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, XEC वेरिएंट पिछले कुछ महीनों में तेजी से फैल रहा है और इससे गंभीर बीमारी के मामलों में भी वृद्धि देखी जा रही है। यूकेएचएसए के अनुसार, उत्तर पूर्व में अस्पताल में भर्ती होने की दर सबसे अधिक 8.12 प्रति 100,000 है, जबकि 85 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में चिंताजनक वृद्धि देखी गई है, जो 52.48 प्रति 100,000 तक पहुंच गई है।
XEC एक नया प्रकार का कोविड-19 वायरस है, जो पहले के ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट्स का एक संयोजन माना जा रहा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह वैरिएंट पिछले ओमिक्रॉन रूपों की तुलना में अधिक संक्रामक हो सकता है और यह उन लोगों को प्रभावित कर सकता है, जिन्होंने पहले कोविड-19 का संक्रमण झेला है या जिनके पास वैक्सीनेशन के बावजूद कुछ प्रतिरोधक क्षमता है।
ब्रिटेन में XEC वेरिएंट के मामलों में बढ़ोतरी के कारण अस्पतालों में भर्ती होने की संख्या में वृद्धि हुई है। यह खासकर उन लोगों में देखा जा रहा है, जो कमजोर इम्यून सिस्टम वाले हैं या जिन्हें अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं। अधिकारियों का कहना है कि कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद अस्पतालों में गंभीर रोगियों की संख्या में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन स्वास्थ्य प्रणालियों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि XEC वैरिएंट के बारे में अभी बहुत अधिक जानकारी नहीं है, विशेषज्ञों ने कोरोना की स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने और हाथों की सफाई जैसी सावधानियों का पालन करने की सलाह दी है। इसके अलावा, टीकाकरण को बढ़ावा देने की भी अपील की जा रही है। ब्रिटेन के अलावा, अन्य देशों में भी इस वेरिएंट के फैलने की संभावना को लेकर चिंता जताई जा रही है, और हर जगह स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा इसकी निगरानी की जा रही है। XEC वेरिएंट का फैलना ब्रिटेन में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि का कारण बन सकता है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नए वेरिएंट के बारे में और अधिक अध्ययन किया जा रहा है, ताकि इससे निपटने के प्रभावी उपायों को समझा जा सके।