
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Published : August 5, 2022 11:30 AM IST
आजकल गंजेपन के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जवानी की उम्र में ही लोगों को बाल झड़ने लग जाते हैं। ज्यादातर मामलों में गंजेपन का कारण खराब जीवनशैली और खानपान में पोषण की कमी होना (Nutritional deficiency hair loss) है। गंजेपन का वैज्ञानिक या मेडिकल नाम एलोपेशिया (Alopecia) है और सामान्य अंग्रेजी भाषा में इसे हेयर लॉस या बाल्डनेस भी कहा जाता है। कम उम्र में ही गंजापन होने के कारण लोगों की पर्सनेलिटी खराब हो जाती है और शर्मिंदगी के कारण उन्हें समाज के साथ मिलने-जुलने में हिचकिचाहट होने लगती है। लेकिन अब उन लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। हाल ही में एक रिसर्च के दौरान ऐसे तरीके की खोज की गई है, जिसकी मदद से भविष्य में गंजेपन की समस्या को आसानी से ठीक किया जा सकता है। इस लेख में हम गंजेपन का इलाज करने वाले इस नए तरीके के बारे में जानेंगे और साथ ही यह भी पता लगाएंगे कि यह तकनीक कैसे काम करेगी।
टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार कैलिफोर्निया के एक विश्वविद्यालय में यह रिसर्च की गई। इस दौरान वैज्ञानिकों ने बालों के रोम में मौजूद एक खास प्रकार के प्रोटीन और केमिकल की खोज की है, जिसकी मदद से गंजेपन को ठीक करने में कामयाबी मिल सकती है। इस केमिकल को काफी खास बताया जा रहा है और इसकी मदद से न सिर्फ गंजेपन बल्कि शरीर के अन्य किसी हिस्से पर मौजूद घाव को ठीक करने में भी मदद मिल सकती है।
शरीर में पाई जाने वाली ज्यादातर कोशिकाओं का शरीर में अपना एक कार्य होता है और यह जीवन भर रहता है। लेकिन स्टेम सेल्स थोड़ी अलग होती हैं, क्योंकि वे अपनी संख्या बढ़ा सकती हैं और किसी भी ऐसी कोशिका में बदल सकती हैं, जो क्षतिग्रस्त या नष्ट हो जाती है। यूसी रिवरसाइड के सह-लेखक क्विशॉन वांग के अनुसार घाव या क्षति का ठीक होने का मतलब यह है कि स्टेम कोशिकाओं ने इसमें मदद की है।
वैज्ञानिकों द्वारा की गई रिसर्च में पाया गया कि टीजीएफ-बीटा एक खास प्रकार का प्रोटीन है, जो पूरे शरीर की उस प्रक्रिया को कंट्रोल करता है, जो बालों की कोशिकाओं को विभाजित करने का काम करता है। टीजीएफ-बीटा नई कोशिकाओं का निर्माण कर सकता है, जिससे प्रक्रिया तेज हो जाएगी और गंजेपन का इलाज करने में मदद मिल सकेगी।
किसी व्यक्ति को लंबे समय तक मानसिक समस्याएं रहने से उसके बाल टूटने लगते हैं और यहां तक कि कुछ गंभीर मामलों में व्यक्ति पूरी तरह से गंजा भी हो सकता है। तनाव, चिंता, अवसाद और आत्मविश्वास की कमी होना आदि कुछ ऐसी मानसिक समस्याएं हैं, जो गंजेपन का कारण बन सकती हैं।