
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : April 18, 2021 11:31 AM IST
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है, जिन्हें प्रति माह 1,000 रुपये भत्ते के रूप में दिए जा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद यूपी सरकार काफी एक्टिव हो गई है। खुद कोरोना की चपेट में आ चुके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना को लेकर अब कोई रिस्क नहीं ले रहे हैं। होम क्वारंटाइन में रहने के बावजूद योगी एक के बाद नए नए फैसले ले रहे हैं। कोरोना के चलते वापिस अपने घर लौट यूपी लौट रहे लोगों के लिए भी योगी सरकार ने नियम बना दिए हैं। जिसके मुताबिक उत्तर प्रदेश में आने वाले सभी प्रवासी कामगारों का पहले कोरोना टेस्ट किया जाएगा और फिर उन्हें क्वारंटीन किया जाएगा। राज्य सरकार ने 56 जिलों में केन्द्र स्थापित किए हैं, जहां पहले प्रवासी श्रमिकों का परीक्षण किया जाएगा और फिर जिनके पास घर पर क्वारंटीन होने की कोई सुविधा नहीं है, उन्हें दो सप्ताह के लिए इन केन्द्रों में रखा जाएगा। यानि कि कोरोना टेस्ट और 14 दिन के क्वारंटीन (Corona test and 14-day home quarantine necessary for those returning to UP in hindi) के बाद ही कोई व्यक्ति अपने घर लौट सकता है। ऐसे में यदि आपकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आती है और आपके घर में क्वारंटाइन होने के लिए जगह है तो आप अपने घर जा सकते हैं लेकिन आपको 14 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहना होगा।
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच योगी सरकार हवाई अड्डों, रेलवे स्टेशनों और बस स्टॉप पर भी निगरानी बढ़ा रही है। जिसके चलते यहां आने जाने वाले सभी की जांच करवाई जाएगी जिनमें कोरोना के लक्षण होंगे उन्हें कोरोना केन्द्र में रखा जाएगा। जबकि अन्य को घर पर ही क्वारंटीन होने को कहा जाएगा। सरकारी प्रवक्ता ने कहा, "हरिद्वार कुंभ से लौटने वालों को कोई अलग से दिशा-निर्देश नहीं दिए गए हैं। जरूरी है कि, सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जाए और फिर उन्हें आईसोलेट किया जाए। जो लोग घर पर सुरक्षित तरीके से आईसोलेट हो सकते हैं उन्हें भी ऐसा करने के लिए कहा जाएगा।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को ऐसे लाभार्थियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है, जिन्हें प्रति माह 1,000 रुपये भत्ते के रूप में दिए जा सकते हैं। सरकार ने पिछले साल भी प्रवासी कामगारों, स्ट्रीट वेंडरों, पेंशनरों को इसी तरह का भत्ता दिया था।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार सभी प्रवासी श्रमिकों को आरटी-पीसीआर परीक्षण करवाना होगा। यह परीक्षण सभी जिलों में किया जाएगा। आने वाले लोगों की पहचान 'निगरानी समिति' द्वारा की जाएगी और परीक्षण के बाद उन्हें आईसोलेट किया जाएगा। आईसोलेशन केंद्रों में निगरानी के 14 दिनों के बाद इन प्रवासियों को राज्य परिवहन निगम की बसों द्वारा घर भेजा जाएगा।