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Written By: Editorial Team | Published : January 15, 2019 4:52 PM IST
इसका इस्तेमाल इस बात के लिए भी किया जा सकता है कि कोई व्यक्ति उन प्राचीन लोगों से किस हद तक मेल खाता है जो कभी धरती पर इधर से उधर घूमते रहते थे। ©Shutterstock.
वैज्ञानिकों ने एक ऐसा डीएनए उपकरण तैयार किया है जो प्राचीन लोगों की बिलकुल सटीक पहचान करने में सक्षम है। साथ ही इसका इस्तेमाल इस बात के लिए भी किया जा सकता है कि कोई व्यक्ति उन प्राचीन लोगों से किस हद तक मेल खाता है जो कभी धरती पर इधर से उधर घूमते रहते थे।
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वैज्ञानिकों ने एक ऐसा डीएनए उपकरण तैयार किया है जो प्राचीन लोगों की बिलकुल सटीक पहचान करने में सक्षम है। साथ ही इसका इस्तेमाल इस बात के लिए भी किया जा सकता है कि कोई व्यक्ति उन प्राचीन लोगों से किस हद तक मेल खाता है जो कभी धरती पर इधर से उधर घूमते रहते थे।
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कंकालों के वर्गीकरण के लिए होगा इस्तेमाल
वर्तमान में प्राचीन डीएनए के अध्ययन में किसी कंकाल का संबंध किसी निश्चित आबादी से जोड़कर बताने या उसकी जैव-भौगोलिक उत्पत्ति ढूंढने के लिए बहुत सारी सूचनाओं की जरूरत होती है। ब्रिटेन के शेफील्ड विश्वविद्यालय के एरान एलहेक की अगुवाई में हुए इस अनुसंधान में ऐन्सेस्ट्री इंफॉर्मेटिव मार्कर्स (एआईएम) की पहचान की गई जिनका इस्तेमाल कंकालों के वर्गीकरण के लिए किया जा सकता है।
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नया जरिया किया गया विकसित
एलहेक ने कहा, “एआईएम का प्रभावी तरीके से पता लगाने का हमने एक नया जरिया विकसित किया है और साबित किया कि यह सटीक है। प्राचीन लोगों में आधुनिक लोगों के मुकाबले ज्यादा विविधता थी। उनकी यह विविधता नियोलिथिक क्रांति और ब्लैक डेथ जैसी घटनाओं के बाद कम होने लगी।”
सटीक तरीके से जानें आप किसके वंशज हैं
उन्होंने बताया कि विकृत डीएनए की वजह से प्राचीन डेटा को समझना मुश्किल है और इसी चुनौती से उबरने के लिए उन्होंने ऐसा विशिष्ट उपकरण विकसित किया जो पारंपरिक एवं नये तरीके के मेल से बना है। यह बेहद सटीक तरीके से पता लगा सकता है कि आप किनके वंशज हैं या आपका जीनोम रोमन ब्रिटोन्स का है या चुमाश भारतीयों का या प्राचीन इजराइलियों का।