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अभी तक जहां कोरोना टेस्ट कराने के बाद रिजल्ट आने में कम से कम 30 मिनट का समय लगता था वहीं अब इसके लिए सिर्फ 5 मिनट का इंतजार करना होगा। दरअसल, बर्मिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक नया COVID-19 टेस्ट का आविष्कार किया है, जिसका नाम न्यू कोविड-19 आरएनए टेस्ट (New COVID-19 RNA Test) है। इस टेस्ट को कराने के बाद सिर्फ 5 मिनट में पता चल जाएगा कि मरीज कोरोना पॉजीटिव है नहीं है।
दरअसल, कोरोना से संक्रमित मरीजों की पहचान करने के लिए भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक के नेतृत्व में पेपर आधारित टेस्ट विकसित किया गया है। इस टेस्ट को ‘इलेक्ट्रोकेमिकल सेंसर’ की मदद से किया जाएगा। कोरोना मरीजों की तुरंत पहचान करने के लिए रैपिड टेस्ट का सहारा लिया जा रहा है, लेकिन इस टेस्ट पर भरोसा कम किया जा रहा है। वायरस पर अंकुश लगाना है तो मरीजो की तुरंत पहचान करनी होगी ताकि वायरस की चेन को बढ़ने से रोका जा सके। इस चीज का वर्णन MedRxiv पर प्रकाशित एक प्रीप्रिंट पेपर (अभी तक सहकर्मी की समीक्षा) में किया गया है, जहां शोधकर्ता सार्वजनिक स्वास्थ्य इंग्लैंड द्वारा प्रदान किए गए रोगी के नमूने आरएनए का उपयोग करके अपनी विधि की तीव्रता और संवेदनशीलता को भी प्रदर्शित करते हैं।
अभी जो RNA टेस्ट होता है उसके 2 स्टेप होते हैं और इसे कराने के कम से कम 1 घंटे बाद रिपोर्ट आती है। पहला स्टेप, जिसमें 30 मिनट लगते हैं, आरएनए को डीएनए में बदलने के लिए रिवर्स ट्रांसक्रिपटेस एंजाइम का उपयोग करता है। दूसरा डीएनए की कॉपी करने के लिए एक डीएनए पोलीमरेज़ एंजाइम का उपयोग करता है और इसे पता लगाने योग्य स्तर तक बढ़ाता है, और इसके लिए हीटिंग और कूलिंग के समय लेने वाले चक्रों की आवश्यकता होती है। हालांकि इस साल एकल तापमान प्रक्रियाएं विकसित की गई हैं, 20 मिनट से कम समय के इस कदम को कम करना चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है।