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WHO On Omicron : कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन ओमिक्रोन की गम्भीरता के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि यह एक खतरनाक वेरिएंट है। सार्स-कोव-2 के इस नये स्वरूप को वैज्ञानिकों ने बी.1.1.1.529 नाम दिया है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी की शुरूआत को जल्द ही 2 वर्ष पूरे हो जाएंगे। 20219 में अस्तित्व में आयी इस महामारी से अब तक दुनियाभर में 50 लाख से अधिक लोगों की जान चली गयी है वहीं, यह संक्रामक बीमारी को लोगों को ने बार-बार लौटते देखा है। दुनिया के कई देशों को कोरोना महामारी की तीन लहरों से जूझना पड़ा। वहीं, हाल ही में अफ्रीका में ओमिक्रोम वेरिएंट के आने के बाद चौथी लहर आने की बातें भी कही जा रही हैं।
इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने सोमवार को बयान दिया कि, ओमिक्रोन के साथ यह संकेत मिला है कि अभी दुनिया से कोरोना वायरस महामारी का खात्मा नहीं हुआ है। विश्व स्वास्थ्य सभा के एक विशेष सत्र में, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ट्रेडोस अदनोम घेब्रेयसस (Tedros Adhanom Ghebreyesus) ने कहा कि कोरोना वायरस महामारी पिछली एक सदी में दुनिया के सामने आयी सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्या है और आज पूरा विश्व इस सदी के सबसे तीव्र स्वास्थ्य संकट की चपेट में है। हालांकि, इसे रोका जा सकता है, इसका पता लगाया जा सकता है और इसका इलाज किया जा सकता है। (WHO On Omicron )
इस सभा में ट्रेडोस ने आगे कहा कि, ओमिक्रोन वेरिएंट की उत्पत्ति इस बात की ओर इशारा करती है कि हमारी स्थिति कितनी खतरनाक और अनिश्चित है। WHO ने इससे सबक लेने की बात कही उन्होंने कहा कि, हम सभी को ओमिक्रोन को एक चेतावनी के तौर पर लेना चाहिए। यह एक वेक-अप कॉल ही है कि हमें कोरोना वायरस के खतरे के प्रति खुद को जागरूक रखना होना और लगातार सतर्कता बरतनी चाहिए।
गौरतलब है कि 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में ओमिक्रोन के मामलों की सबसे पहले पुष्टि की गयी। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रोन को वेरिएंट ऑफ कंसर्न बताया है और इसके प्रति अलर्ट और सावधान रहने की भी सलाह दी है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, ओमिक्रोन के स्पाइक प्रोटीन क्षेत्र में 30 से भी अधिक प्रकार के परिवर्तन देखे गए हैं जिसका अर्थ है कि इस वायरस की संक्रामता को कम करने के लिए मौजूदा सार्स-कोवि-2 वैक्सीन्स कम प्रभावी साबित हो सकती हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि दुनिया भर में इस वेरिएंट के प्रसार का खतरा तो है ही साथ ही कुछ जगहों पर ओमिक्रोन विकराल या बहुत गम्भीर स्थितियां भी पैदा कर सकता है। विश्व स्वास्थ्य सभा के सदस्य सभी 194 देशों से अपील की गयी है कि वे अपने क्षेत्र में कोरोना वैक्सीनेशन की गति बढ़ाएं ताकि, लोगों को नये वेरिएंट्स के खतरे से सुरक्षित रखने में सहायता प्राप्त हो सके।
(आईएएनएस)