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New Coronavirus Strain: एक्सपर्ट्स ने बताया, किन लोगों को है कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन का ख़तरा ज़्यादा

New Coronavirus Strain: एक्सपर्ट्स ने बताया, किन लोगों को है कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन का ख़तरा ज़्यादा

रिसर्चर्स ने दावा किया है कि यह नया स्ट्रेन पुराने वायरस से 70 फीसदी अधिक संक्रामक है। इसी तरह कुछ लोगों को इस वायरस से संक्रमित होने का ख़तरा भी अधिक है। आइए समझते हैं क्यों कुछ लोगों को बाकियों की तुलना में कोरोना वायरस के न्यू स्ट्रेन का अधिक रिस्क है। (New Coronavirus Strain Risk)

Written by Sadhna Tiwari |Updated : January 13, 2021 12:32 PM IST

New Coronavirus Strain: कोरोना वायरस के न्यू वेरिएंट का पता लगने के बाद से ही दुनियाभर में लोगों की चिंता बढ़ गयी है। लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग और जीन सीक्वेंसिंग जैसे तरीकों से कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के प्रयास किए गए। लेकिन, ये सारे प्रयास न्यू स्ट्रेन (Covid New Strain) से होने वाले संक्रमण से लोगों को बचा पाएंगे या नहीं इसके बारे में अभी कुछ भी निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता है।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोरोना वायरस के नये स्ट्रेन (Coronavirus New Strain के मामले 30 से अधिक देशों में पाए गए हैं। इस स्ट्रेन के व्यवहार को समझने के लिए जहां, दुनियाभर में रिसर्च चल रहा है। वहीं, रिसर्चर्स ने दावा किया है कि यह नया स्ट्रेन पुराने वायरस से 70 फीसदी अधिक संक्रामक है। इसी तरह कुछ लोगों को इस वायरस से संक्रमित होने का ख़तरा भी अधिक है। आइए समझते हैं क्यों कुछ लोगों को बाकियों की तुलना में कोरोना वायरस के न्यू स्ट्रेन से इंफेक्शन का रिस्क है अधिक। (New Coronavirus Strain Risk)

इन लोगों को अधिक तेज़ी से संक्रमित कर सकता है कोरोना न्यू स्ट्रेन

हाल ही में हुई एक रिसर्च में ब्रिटेन से उपजे कोरोना वायरस के नये म्यूटेंट से जुड़ी कई महत्वपूर्ण  बातें सामने आयी। इसी रिसर्च में पता चली वायरस से जुड़ी एक जानकारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह नया स्ट्रेन युवाओं और कम उम्र के लोगों के लिए भी बहुत अधिक खतरनाक है और उन्हें आसानी से अपनी चपेट में ले सकता है। गौरतलब है कि युवाओं में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण और अन्य बीमारियों की दर कम ही रही है। (New Coronavirus  Strain risk in kids)

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एक नयी रिसर्च के अनुसार कोरोना के यूके वेरिएंट से 20 वर्ष से छोटे लोगों को संक्रमण का काफी ख़तरा है। इसमें, बच्चे भी शामिल हैं। जाहिर है इससे, बच्चों के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा ख़तरा उत्पन्न हो सकता है।  इस रिसर्च का आयोजन लंदन में किया गया, जहां दुनियाभर में दिन-ब-दिन बढ़ रहे इस संक्रमण के व्यवहार को समझने के प्रयास किए जा रहे हैं। रिसर्च में पाया गया कि यह वायरस वयस्कों और अधिक उम्र के लोगों में तो 6 गुना तेज़ी से फैलता ही है। लेकिन, साथ ही कम उम्र के लोगों में भी इसका ख़तरा बहुत अधिक है।

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