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Written By: Jitendra Gupta | Published : May 10, 2022 1:50 PM IST
इस देश में फिर से फैला हैजा! जानें साल के किन महीनों में हैजा का खतरा होता है सबसे ज्यादा
दक्षिण सूडान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को हैजा महामारी के फैलने की पुष्टि की है। दक्षिणी सूडान के यूनिटी स्टेट्स में रुबकोना काउंटी में 8 मामलों की पुष्टि होने के बाद ये घोषणा की गई है। मंत्रालय ने ये कदम जूबा स्थित नेशनल पब्लिक हेल्थ लैब में महामारी की पुष्टि करने के लिए कराए गए टेस्ट के पॉजिटिव नतीजे आने के बाद लिया है।
मंत्रालय ने दक्षिण सूडान की राजधानी जूबा में एक बयान जारी कर कहा है कि लोगों से न घबराने का आग्रह किया जा रहा है और उन्हें शांत रहने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही हैजा समुदायिक स्तर और लोगों में न फैले, इसके लिए सभी एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। सरकार अपर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेय जल, खराब साफ-सफाई की आदतों और बेहतर स्वच्छ सुविधाओं तक पहुंच न होने जैसी मुश्किलों से निपट रही है।
अभी तक कुल 31 मामले सामने आए हैं, जिसमें से एक व्यक्ति की मौत हुई है। दक्षिणी सूडान के रुबकोना शहर और बेन्तियु आईडीपी कैंप से ये मामले सामने आए हैं।
मंत्रालय का कहना है कि पुष्टि हुए मामलों में सामने आए लक्षणों में शामिल हैंः
1-पानी जैसे दस्त
2-उल्टी
3-डिहाइड्रेशन।
लोगों को इन लक्षणों के साथ अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है और अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, सभी रोगियों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
मंत्रालय का कहना है कि हैजा का पहला मामला 14 अप्रैल को बेन्तियु कैंप से सामने आया था और पूरे दक्षिण सूडान में हैजा का 2017 के बाद से पहला मामला दर्ज किया गया था। बता दें कि 2017 में दक्षिण सूडान हैजा महामारी से बुरी तरह ग्रस्त था और इस दौरान 28 हजार से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आए थे और 644 लोगों की मौत हुई थी।
मंत्रालय का कहना है कि सरकार जनवरी और मार्च के महीने में रुबकोना काउंटी में दो चरणों के तहत हैजा वैक्सीन दे चुकी है। ये कार्य सरकार ने अपने साझेदारों के साथ मिलकर किया था।
बयान के मुताबिक, स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय हैजा टास्क फोर्स का गठन 14 अप्रैल को किया था ताकि जरूरी हस्तक्षेप किया जा सके और कैंप व सामुदायिक स्तर पर निगरानी को बढ़ाया जा सके।
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि हैजा का खतराबरसात के मौसम यानी के मई से अक्तूबर के अंत तक आमतौर पर ज्यादा रहता है। इसलिए सुरक्षा के उपाय किए जाने चाहिए।