
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Published : May 14, 2026 8:26 AM IST
WHO के अनुसार, आने वाले समय में हंतावायरस के मामले बढ़ सकते हैं। (this image was generated by chatgpt)
यूरोप के देश स्पेन में हंतावायरस संक्रमण का एक नया मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नया मामला सामने आने के बाद स्पेन में अब हंतावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 11 हो गई है। हंतावायरस का नया मामला दर्ज किए जाने के बाद स्पेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में एक जहाज से रेस्क्यू किए गए स्पेनिश यात्री में हंतावायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है। संक्रमित व्यक्ति को फिलहाल मैड्रिड के एक सैन्य अस्पताल में आइसोलेशन और निगरानी में रखा गया है। मीडिया के साथ बातचीत के दौरान अधिकारियों ने कहा कि उसी जहाज से लाए गए 13 अन्य स्पेनिश नागरिकों को भी एहतियातन अस्पताल में ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। हालांकि जब उन मरीजों की जांच की गई तो उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, हंतावायरस से अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है। यह सभी मामले MV Hondius नाम के क्रूज जहाज के यात्रियों या क्रू मेंबर्स से जुड़े पाए गए हैं। जहाज को अब पूरी तरह खाली करा लिया गया है और सफाई व डिसइन्फेक्शन के लिए इसे नीदरलैंड वापस भेजा जा रहा है।
मैड्रिड में बातचीत के दौरान WHO के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने कहा कि फिलहाल संक्रमण जहाज में मौजूद लोगों तक ही सीमित दिखाई दे रहा है। अभी तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि हंतावायरस किसी बड़ी गंभीर बीमारी या महामारी का शुरुआती संकेत हो सकता है। हालांकि इस दौरान WHO के महानिदेशक ने चेतावनी भी दी कि वायरस की इन्क्यूबेशन की अवधि 8 हफ्तों तक हो सकती है। इसलिए आगे और भी ज्यादा मामले दर्ज किए जा सकते हैं।
Hantavirus (Image AI Generated)
स्पेन में लगातार मामलों के सामने आने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव, जंगलों के आसपास बढ़ती गतिविधियां और चूहों की संख्या बढ़ने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। यूरोप के कई देशों में पहले भी हंतावायरस के छिटपुट मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन किसी भी नए संक्रमण को गंभीरता से देखा जाता है क्योंकि यह वायरस तेजी से गंभीर रूप ले सकता है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि इस संक्रमण से फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के बेवसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, हंतावायरस एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरस है, जो मुख्य रूप से चूहों के जरिए इंसानों तक पहुंचता है। संक्रमित जानवरों के यूरिन, लार या मल के संपर्क में आने से यह वायरस फैल सकता है। जब इन संक्रमित कणों वाली धूल हवा में मिलती है और कोई व्यक्ति उसे सांस के जरिए अंदर लेता है, तो संक्रमण होने का खतरा बढ़ जाता है।
Hantavirus
किसी भी आम वायरल इंफेक्शन की तरह ही हंतावायरस के शुरुआती स्तर पर हल्के ही नजर आते हैं। हंतावायरस के सामान्य लक्षणों में मुख्य रूप से शामिल हैः
WHO के अनुसार, यह संक्रमण गंभीर रूप में फेफड़ों को भी प्रभावित कर सकता है। इससे मरीज की हालत बिगड़ सकती है। हंतावायरस का इलाज समय पर न किया जाए तो मरीज की मौत भी हो सकती है।
ICMR का कहना है कि फिलहाल भारत में हंतावायरस के बड़े प्रकोप की स्थिति नहीं है, लेकिन किसी भी वायरल संक्रमण को हल्के में नहीं लेना चाहिए। भारत को तुरंत हंतावायरस से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन इससे सावधानी बरतने की जरूरत है। हंतावायरस के प्रति जागरूकता, साफ-सफाई और समय पर इलाज करवाने से संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल आपकी जागरुकता के लिए हैं। अगर आपको कोई खास लक्षण महसूस हो तो परेशान न हो, समय पर डॉक्टर को दिखाकर जांच कराएं।