Health Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हेल्थ सेक्टर को क्या दिया? यहां पढ़ें सारी जानकारी
Health Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हेल्थ सेक्टर को क्या दिया? यहां पढ़ें सारी जानकारी
New Budget 2026 List: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2026 की बजट 2026-27 पेश किया, जिसमें हेल्थ सेक्टर को लेकर कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाने की घोषणा की। इस बारे में हम आगे इस लेख में जानेंगे।
Written By:
Mukesh Sharma
| Updated : February 1, 2026 5:11 PM IST
Health Budget List 2026: संसद में बजट 2026 के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा दिए गए “बजट भाषण” के अनुसार हेल्थ सेक्टर काफी महत्वपूर्ण रहा और सेक्टर को मजबूत करने पर खास ध्यान दिया गया। सरकार का फोकस रहा कि हर किसी को बेहतर इलाज मिल पाए, जरूरी दवाएं सस्ती हो पाएं और हेल्थ सेक्टर से जुड़ी कर्मचारियों की संख्या व स्किल दोनों में वृद्धि हो पाए ताकि भारत के पूरी हेल्थ सिस्टम को और मजबूत बनाया जा सके। भारत के हर परिवार में किसी न किसी सदस्य को कोई न कोई क्रॉनिक बीमारी है यानी ऐसी बीमारी जिसका कोई इलाज नहीं और जीवनभर दवाओं की मदद से उन्हें कंट्रोल किय जाता है जैसे डायबिटीज, हार्ट कंडीशन व ऑटोइम्यन बीमारियां आदि। ऐसे में इस बार के बजट से हेल्थ सेक्टर में क्या बदलाव होगा और किन्हें कितना फायदा मिलेगा आदि के बारे में जानना जरूरी है।
Biopharma Sector में बड़ा निवेश - सरकार ने अगले 5 सालों के लिए ₹10,000 करोड़ का निवेश बायोफार्मा सेक्टर में करने का प्रस्ताव रखा, जिससे भारत की फार्मास्यूटिकल्स इंडस्ट्री को और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
बायोफार्मा ग्लोबल हब बनाने का लक्ष्य - आने वाले समय में भारत को दुनियाभर की बायोफार्मा इंडस्ट्री का लीडर बनाने का लक्ष्य रखा और उसके लिए “बायोफार्मा शक्ति” योजना लाई जाएगी। जिसका कुल बजट 10,000 करोड़ रुपए होगा (5 साल के लिए) और देशभर में अलग-अलग जगह पर लगभग 1000 ऑथोराइज्ड क्लिनिकल साइट्स तैयार की जाएंगी।
नॉन कॉम्यूनिकेबल डिजीज पर फोकस - वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार आज के समय में भारत में नॉन-कॉम्यूनिकेबल डिजीज जैसे डायबिटीज, हार्ट डिजीज और कैंसर आदि के मामले बढ़ रहे हैं। इनके इलाज की दवाएं सस्ती की जाएंगी और इनकी मैनेजमेंट को मजबूत बनाने के लिए अन्य उचित कदम उठाए जाएंगे।
नए All India Institutes of Ayurveda खोले जाएंगे - केंद्रीय वित्त मंत्री के अनुसार 3 नए ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा खोले जाएंगे। साथ ही आयुष फार्मेसी और ड्रग टेस्टिंग लैब्स को अपग्रेड किया जाएगा।
WHO Research Centre को अपग्रेड किया जाएगा - गुजरात के जामनगर में स्थित डबल्यूएचओ ट्रेडिशनल मेडिसिन रिसर्च सेंटर और और बेहतर बनाने के लिए काम किया जाएगा।
5 रिजलन मेडिकल हब बनाए जाएंगे - केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर भारत के अलग-अलग हिस्सों में 5 रिजनल मेडिकल हब बनाए जाएंगे जिनमें आयुष सेंटर, डायग्नोस्टिक इंफ्रास्टक्चर और पोस्ट-ट्रीटमेंट रिहैबिलिटेशन शामिल होंगे।
AHP पर खास फोकस - पहले से मौजूद अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल को बेहतर बनाया जाएगा। सरकारी व निजी नए इंस्टीट्यूट खोले जाएंगे। बुजुर्गों की मदद करने के लिए जेरिएट्रिक (Geriatric) और अलाइड सर्विसेज को मजबूत बनाया जाएगा ताकि बुजुर्गों की देशभाल और अच्छे से की जा सके।
मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान - निर्मला सीतारमण ने मानसिक स्वास्थ्य को अच्छा बनाए रखने के लिए NIMHANS 2.0 खोलें जाएंगे (खासतौर पर उत्तरी भारत में)।
हेल्थ कर्मचारियों के ट्रेन किया जाएगा - अलाइड हेल्थ प्रोफेशनल, केयर गिवर और हेल्थ सेक्टर से जुड़े अन्य कर्मचारियों को ट्रेनिंग देकर उन्हें पहले से ज्यादा स्किल्ड बनाया जाएगा।
मेडिकल टूरिज्म पर ध्यान - आने वाले समय में भारत को दुनिया के लिए एक हेल्थ सेंटर हब बनाने के लिए मेडिकल टूरिज्म पर ध्यान दिया जाएगा और इसके लिए केंद्रीय सरकार, राज्य सरकारें व प्राइवेट सेक्टर मिलकर मेडिकल हब विकसित करेंगे।
योग और आयुर्वेद पर जोर - निर्मला सीतारमण ने योग और आयुर्वेद का दुनिया पर पड़े प्रभाव के बारे में बताया और कहा कि आयुर्वेद और योग दोनों को बढ़ावा दिया जाएगा। नए आयुर्वेद इंस्टीट्यूट और फार्मेसी आदि को अपग्रेड किया जाएगा और नए भी विकसित किए जाएंगे।
मोटर दुर्घटना क्लेम पर टैक्स से राहत - नए नियमों के मुताबिक मोटर एक्सीडेंट क्लेम पर ट्रिब्यूनल (न्यायाधिकरण) द्वारा दिए गए ब्याज पर अब इनकम टेस्ट नहीं लगेगा और ना ही टीडीएस काटा जाएगा।
17 प्रकार की दवाएं होंगी सस्ती - मिडिल क्लास और बढ़ते मेडिकल खर्च को ध्यान में रखते हुए 17 अलग-अलग प्रकार की दवाएं सस्ती की जाएंगी और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली 7 दवाओं को पर कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार अपना नौंवा बजट पेश किया, जिसमें हेल्थ सेक्टर को खास ध्यान में रखते हुए कई नए विकास करने और मेडिकल खर्च को कम करने के लिए उचित कदम उठाने की घोषणा की।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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