
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : November 5, 2024 4:01 AM IST
Britain health news: यूनाइटेड किंगडम में हाल ही में एमपॉक्स वायरस, जिसे पहले मंकीपॉक्स के नाम से जाना जाता था। उसके एक नए प्रकार 'क्लेड आईबी' का पहला मामला सामने आया है। इस नए प्रकार को विशेष रूप से चिंताजनक माना जा रहा है, क्योंकि यह अफ्रीका के कई हिस्सों में संक्रमण में वृद्धि का कारण बना है। हालांकि, इस नए जानलेवा एमपॉक्स लेकर सरकार व स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हैं और इससे निपटने की तैयारी में जुट चुके हैं। चलिए जानते हैं क्या है एमपॉक्स वायरस और यह कितना खतरनाक है।
एमपॉक्स एक वायरल बीमारी है, जिसमें फ्लू जैसे लक्षणों के साथ त्वचा पर दाने या घाव हो सकते हैं। यह वायरस पहले पश्चिम और मध्य अफ्रीका के कुछ हिस्सों में पाया जाता था, लेकिन हाल के वर्षों में विभिन्न देशों में इसके मामले सामने आ रहे हैं। मंकीपॉक्स का नाम बदलकर एमपॉक्स कर दिया गया है, ताकि इसे नाम के आधार पर गलतफहमी और सामाजिक भेदभाव से बचाया जा सके।
21 अक्टूबर को एक व्यक्ति, जो हाल ही में एमपॉक्स प्रकोप से प्रभावित अफ्रीकी देशों की यात्रा करके लौटा था। उसमें लौटने के कुछ दिनों बाद इस बीमारी के लक्षण दिखाई दिए। 27 अक्टूबर को परीक्षणों के बाद यह पुष्टि हुई कि वह व्यक्ति एमपॉक्स के नए प्रकार 'क्लेड आईबी' से संक्रमित है। यह मामला लंदन के रॉयल फ्री अस्पताल में उच्च संक्रामक रोग विभाग में रखा गया है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।
हालांकि यह नया वेरिएंट चिंताजनक हो सकता है, विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल यूनाइटेड किंगडम में इसका फैलाव होने का जोखिम कम है। इसका कारण यह है कि एमपॉक्स मुख्य रूप से निकट संपर्क के माध्यम से फैलता है और संक्रमण के प्रसार की संभावना को सीमित किया जा सकता है।
इस मामले से यह स्पष्ट होता है कि वायरस के नए प्रकारों पर नजर बनाए रखना और सावधानी बरतना जरूरी है, विशेषकर तब जब लोग उन क्षेत्रों से यात्रा कर रहे हों जहां वायरस का प्रकोप हो। यूनाइटेड किंगडम के स्वास्थ्य विभाग ने इस स्थिति पर निगरानी रखी है और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है।