
आशु कुमार दास
आशु कुमार दास एक अनुभवी हेल्थ कंटेंट स्पेशलिस्ट हैं। इन्हें हेल्थ कंटेंट राइटर के तौर पर काम करते हुए 6 ... Read More
Written By: Ashu Kumar Das | Updated : January 7, 2026 3:56 PM IST
Nestle issues global recall of toxin in baby formula product: फूड और बेवरेज कंपनी नेस्ले ने बाजार से अपने प्रमुख बेबी न्यूट्रिशन प्रोडक्ट को वापस मंगवा लिया है। कंपनी का कहना है कि बेबी न्यूट्रिशन प्रोडक्ट में टॉक्सिन होने की संभावना है। अगर बच्चे ये प्रोडक्ट का सेवन करते हैं, तो इससे उन्हें उल्टी, मतली और दस्त की परेशानी हो सकती है। बच्चों के शरीर में ये टॉक्सिन न पहुंचे इसके लिए ही कंपनी ने प्रोडक्ट को बाजार से वापस लाने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार से जिन प्रोडक्ट्स को रिकॉल किया गया है, उसमें SMA, BEBA और NAN ब्रांड के इन्फैंट और फॉलो-ऑन फॉर्मूलाशामिल हैं।
कंपनी की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में कहा गया है कि बड़े सप्लायर से मिले एक इंग्रीडिएंट में क्वालिटी से जुड़ी समस्या सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया। नेस्ले द्वारा बेबी न्यूट्रिशन प्रोडक्ट को बाजार से वापस लेने के बाद हर पेरेंट्स का ये जानना बहुत जरूरी है कि बच्चों के लिए बेबी फॉर्मूला प्रोडक्ट खरीदते समय लेबल पर क्या पढ़ना जरूरी है। आइए जानते हैं इस विषय पर डॉ. शैलेंद्र सिंह से।
आप बच्चों के लिए जो बेबी फूड खरीद रहे हैं, उसमें किन- किन चीजों का इस्तेमाल किया गया है, उसकी लिस्ट जरूर पढ़ें। हर फूड पैकेज्ड पर सामग्री Quantity के हिसाब से लिखी जाती है, यानी जो चीज सबसे ज्यादा है, उसका नाम सबसे ऊपर होगा। कोशिश करें कि सामग्री कम, सरल और पहचानी हुई हों। अगर बेबी फूड प्रोडक्ट के लेबल पर Glucose Syrup, Corn Syrup, Artificial Flavours और Artificial Colors जैसे शब्द लिखे हुए हैं, तो उसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
1 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए चीनी और नमक दोनों ही नुकसानदायक होता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन पर प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, बच्चों को 1 साल से कम उम्र में चीनी देने से दांतों की सड़न, मोटापा और भविष्य में डायबिटीज तक का खतरा रहता है। इसके अलावा 1 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नमक भी नुकसानदायक होता है। बेबी फूड के पैकेट पर अगर Added Sugar और Saltलिखा हुआ है, तो उसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
सभी बेबी फूड के पैकेट पर Nutritional Information Table होना बहुत जरूरी है। यह टेबल बताती है कि बेबी फूड से बच्चे को क्या-क्या पोषण मिलेगा। किसी भी फूड खाने के बाद आपके बच्चे को कितनी Energy (Calories), प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, जिंक और विटामिन मिलेंगे इसकी जानकारी जरूर पढ़ें। 6 महीने के बाद बच्चों में Iron Deficiency का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए Iron-fortified बेबी फूड ही बच्चों को दें।
कुछ बच्चों को मिल्क, सोया, ग्लूटेन और नट्स से एलर्जी होती है। इसलिए बेबी प्रोडक्ट खरीदते समय इस बात का ध्यान दें कि उसमें इन चीजों को इस्तेमाल किया गया है या नहीं। अगर आपके बच्चे को किसी चीज से एलर्जी है तो उसके लिए दूसरे ब्रांड का बेबी फूड चुनें।
भारत में बिकने वाले हर बेबी फूड पर FSSAI License Number होना अनिवार्य है। आप जिस ब्रांड का बेबी फूड प्रोडक्ट खरीद रहे हैं अगर उस पर FSSAI License Number नहीं हैं तो उसे बच्चों को बिल्कुल न दें। जिन बेबी फूड प्रोडक्ट पर लाइसेंस नंबर हो, सिर्फ उसी का इस्तेमाल बच्चों के लिए करें।
बेबी फूड प्रोडक्ट के लेबल पर ये जरूर देखें कि उसे किस साल में और किस महीने में बनाया गया है। बनाने के बाद वो कब तक खराब हो सकता है। बच्चों की सेहत के लिए कभी भी Expired या बहुत पुराना बेबी फूड कभी न खरीदें।
इसके अलावा बेबी फूड के पैकेट पर उसे स्टोर करने का तरीका, बेबी फूड को कितने चम्मच पानी में पकाना है, किस उम्र के बच्चे को कितना फूड देना है ये भी जरूर पढ़ें। आपके बच्चे की सेहत आपके आज के फैसलों पर निर्भर करती है। इसलिए अगली बार जब आप बेबी फूड खरीदें, तो पैकेट के आगे नहीं, बल्कि पीछे लिखे लेबल को जरूर पढ़ें।
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।