
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 19, 2020 10:00 AM IST
NCDIR का दावा, 2025 तक 15.7 लाख लोगों को हो सकता है कैंसर
क्योंकि वर्तमान में कोरोना नामक वायरस ने लोगों को दांतों तले चने चबवा रखे हैं इसलिए किसी का भी ध्यान अन्य बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं की ओर नहीं जा रहा है। लेकिन NCDIR (नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इन्फॉरमेटिक्स एंड रिसर्च) ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया है। उनका कहना है कि भारत में पिछले चार वर्षों में कैंसर के मामलों में लगभग 10% की वृद्धि हुई है और 2020 में कैंसर केस 13.9 लाख तक पहुंच सकते हैं। सिर्फ यही नहीं 2025 तक कैंसर के केस 15.7 लाख का आंकड़ा तक छू सकते हैं। नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम रिपोर्ट 2020 के मुताबिक, 2016 में कैंसर के कुल केस मात्र 12.6 लाख थे जबकि 2019 में 13.6 लाख थे।
ICMR-NCDIR नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम में 2025 तक देश में कैंसर के मामले 12% तब बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। ये अनुमान 28 पॉपुलेशन बेस्ड कैंसर रजिस्ट्री (PBCRs) से एकत्र किए गए कैंसर से संबंधित जानकारी पर आधारित हैं। साथ ही 28 जनसंख्या-आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों और 58 अस्पताल-आधारित कैंसर रजिस्ट्रियों से कैंसर से संबंधित जानकारी एकत्र की गई थी।
इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज इंफॉर्मेटिक्स एंड रिसर्च, बेंगलुरु द्वारा जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल पुरुष कैंसर के मामलों की संख्या 6.8 लाख होगी जबकि कैंसर से प्रभावित होने वाली महिलाओं की संख्या 7.1 लाख तक हो सकती है। 2025 तक कैंसर की चपेट में आने वाले पुरुषों की संख्या 7.6 लाख तक हो सकती है जबकि 8.1 लाख महिलाओं को कैंसर हो सकता है।
2025 में ब्रेस्ट कैंसर (2.4 लाख) सबसे आम कैंसर होने की संभावना है। इसके बाद फेफड़े का कैंसर (1.1 लाख) और फिर मुंह का कैंसर (90,000) सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले कैंसर बन सकते हैं। जबकि तम्बाकू से होने वाला कैंसर सभी कैंसर की तुलना में 27% हो सकता है। हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में, तंबाकू 3.7 लाख (27.1%) लोग कैंसर से प्रभावित हो सकते हैं, स्तन कैंसर से 2 लाख (14.8%) और गर्भाशय का कैंसर 75,000 (5.4%) तक पहुंच सकता है। जबकि पेट संबंधी कैंसर के केस 2.7 लाख (19.7%) तक पहुंच सकते हैं।