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Written By: akhilesh dwivedi | Updated : October 15, 2018 4:47 PM IST
नंगे पैर चलना तनाव, डिप्रेशन, मानसिक अवसाद जैसी समस्याओं में गजब के फायदे देता है। © Shutterstock
भारत देश आस्था और परम्पराओं का है, यहां साल में कई त्योहार होते हैं। नवरात्रि यहां बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। इस पर्व पर लोग 9 दिन तक व्रत रहते हैं और बहुत ही सात्विक ढ़ग से रहते हैं। कुछ लोग नियम के तहत देवी मां की पूजा के साथ-साथ नंगे पैर चलते हैं। कुछ लोग धार्मिक पक्ष के कारण 9 दिन तक जूते-चप्पल नहीं पहनते हैं और सिर्फ नंगे पांव चलते है। क्या आप इसके वैज्ञानिक पक्ष को जानते हैं ? हम यहां इस मौसम में नंगे पैर चलने के वैज्ञानिक पक्ष की बात करेंगे। जी इस मौसम में नंगे पैर चलने के कई फायदे हैं। तो आइए जानते हैं नवरात्रि में नंगे पैर चलने से कौन-कौन से फायदे होते हैं।
क्यों है फायदेमंद
नवरात्रि का त्योहार ऐसे मौसम में आता है जब बरसात लगभग समाप्त हो रही होती है और सर्दियों का मौसम आने वाला होता है। इस मौसम में न तो ज्यादा गर्मी होती है और न ही ज्यादा सर्दी इसलिए इस मौसम में नंगे पैर चलना बहुत फायदेमंद होता है। सूर्य की किरणों से इस मौसम में आसानी से विटामिन डी लिया जा सकता है।
शरीर का तापमान होता है बेहतर
इस मौसम में पैदल चलने से इंसान का संपर्क सीधे धरती के साथ होता है। धरती इस मौसम में बेहतर ऊर्जा के साथ शरीर के तापमान को संचारित करती है। इस मौसम में हेल्दी लाइफ स्टाइल रखने में भी मदद मिलती है।
एक्यूप्रेशर थेरेपी
इंसान का शरीर पृथ्वी, जल, आकाश, वायु और अग्नी के साथ मिलकर बना है। इन 5 तत्वों के साथ सीधा जुड़ाव होता है। यह शररी की बेहतर एक्यूप्रेशर थेरेपी करता है। योग में भी सुबह नंगे पैर चलने की सलाह दी जाती है। इस मौसम में पैदल चलने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
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मांसपेशियां होती है सक्रिय
9 दिन बिना जूते-चप्पत के चलने से मांसपेशियां सक्रिय हो जाती है। इससे आपको मांसपेशियों में अकड़न और दर्द से भी छुटकारा मिल जाता है।
स्ट्रेस होता है कम
इस दौरान नंगे पांव चलने से तनाव, हाईपरटेंशन, नींद न आना, ऑर्थराइटिस, अस्थमा और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस दौरान नंगे पांव चलने से रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।
अगर आप डायबिटिक, अर्थराइटिस और पेरिफेरल वसकुलर डिजीज के शिकार है तो नंगे पैर न चलें। इससे बीमारी बढ़ने का खतरा रहता है इसलिए इस दौरान ऐसा करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।