नेशनल हेल्थ फोरम का केंद्र से ई-सिगरेट पर प्रतिबंध का आग्रह

नेशनल हेल्थ फोरम ने केंद्र से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ई-सिगरेट के निर्माण, वितरण व आयात व बिक्री को समाप्त करने के फैसले का समर्थन करने व इस तरह के उत्पादों पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। नेशनल हेल्थ फोरम एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) है, जो तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में कार्य करता है।

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Written By: IANS | Updated : September 2, 2019 6:51 PM IST

नेशनल हेल्थ फोरम ने केंद्र से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ई-सिगरेट के निर्माण, वितरण व आयात व बिक्री को समाप्त करने के फैसले का समर्थन करने व इस तरह के उत्पादों पर प्रतिबंध सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। नेशनल हेल्थ फोरम एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) है, जो तंबाकू नियंत्रण के क्षेत्र में कार्य करता है।

एनजीओ ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्रालय का ई-सिगरेट व इसी तरह के उत्पादों के खिलाफ लिया गया फैसला 'सही और प्रशंसनीय' है।

नेशनल हेल्थ फोरम की मंदाकिनी सिंह (प्रबंध न्यासी) ने स्वास्थय मंत्री हर्ष वर्धन को 27 अगस्त को लिखे पत्र में कहा, "अन्य दूसरे मंत्रालयों को स्वास्थ्य मंत्रालय के इस कदम का समर्थन करना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि इस तरह के उत्पाद प्रतिबंधित हो और कोटपा (सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम) या ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कानूनी उत्पाद के रूप में शामिल नहीं करना चाहिए।"

पत्र में उन्होंने कहा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ डब्ल्यूएचओ (विश्व स्वास्थ्य संगठन) व देश के गैर सरकारी संगठनों ने अतीत में कई दशकों तक उत्साहपूर्वक कार्य किया है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सिगरेट व दूसरे तंबाकू उत्पादों को उचित व सीमित मात्रा में निर्माण हो और उस प्रभाव से यह एक लाइसेंस उत्पाद हो।

पत्र में कहा गया, "इन नियमों में कोई ढील देने से इन तंबाकू उत्पादों की भरमार हो जाएंगी, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।"

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