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नाखून चबाने की थी आदत, युवती का काटना पड़ा अंगूठा

अकसर अवसाद और तनाव में नाखून चबाने लगते हैं लोग, पर यह बन सकता है कैंसर का कारण।

नाखून काटने की आदत घबराहट और‍ चिंता का साधारण संकेत है। पर क्‍या आप जानते हैं कि आम सी दिखने वाली यह आदत आपकी जिंदगी के लिए कितनी जोखिम भरी हो सकती है ? ब्रिस्बे, आस्‍ट्रेलिया की एक बीस वर्षीय छात्रा के लिए उसकी नाखून चबाने की आदत इतनी खतरनाक हो गई कि डॉक्‍टरों को उसका अंगूठा काटना पड़ा। सहपाठियों और अन्‍य लोगों से मिलने वाली डांट और फटकार के बाद के तनाव में कोर्टनी व्हिथॉर्न ने नेल बाइटिंग यानी नाखून चबाना शुरू किया था। पर अब उनकी इस आदत से उन्‍हें अंगूठे में एक दुर्लभ किस्‍म के कैंसर ने जन्‍म लिया। जिससे बचाने के लिए डॉक्‍टरों को उनका अंगूठा काटना पड़ा।

यह है मामला

ब्रिस्‍बेन, आस्‍ट्रेलिया की कोर्टनी व्हिथॉर्न की नेल बाइटिंग की आदत के कारण उनके अंगूठे में एक दुर्लभ किस्‍म का कैंसर हो गया। कोर्टनी व्हिथॉर्न ने देखा कि पिछले कुछ साल से उनका अंगूठे का अगला हिस्‍सा काला पड़ने लगा है। मेडिकल चेकअप के बाद उन्‍हें मालूम हुआ‍ कि उन्‍हें एक्रल लेंटिगिनस सुबंगुअल मेलानोमा (एएलएम) की बीमारी हो गई है। यह एक दुर्लभ किस्‍म का कैंसर है, जो त्‍वचा पर होता है। अमूमन यह पैर के नीचे तलवों में होता है, परंतु उनकी नेल बा‍इटिंग की आदत के कारण यह उनके हाथ के अंगूठे में हो गया है।

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काटना पड़ा अंगूठा

नेल बाइटिंग के कारण कोर्टनी व्हिथॉर्न का अंगूठा काटना पड़ा। ताकि संक्रमण उनके शरीर के अन्‍य अंगों में न फैले। व्हिथॉर्न की अब तक चार सर्जरी हो चुकी हैं।

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आखिरी सर्जरी के परिणामस्वरूप उनके अंगूठे के अगले हिस्‍से को काट दिया गया। अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, यह कैंसर वापस लौटता है या नहीं, इसके‍ लिए अगले पांच साल कोर्टनी व्हिथॉर्न को चिकित्‍सकीय निरीक्षण में रहना होगा।

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