दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में बढ़े Mumps के मामले, जानें कैसे करें बचाव?

Mumps In Delhi: केरल और महाराष्ट्र में कहर बरपाने के बाद अब दिल्ली और एनसीआर के कुछ इलाकों में मम्प्स बीमारी के मामले काफी तेजी से सामने आ रहे हैं।

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Written By: priya mishra | Updated : April 24, 2024 4:31 PM IST

Mumps In Delhi: इन दिनों दिल्ली-एनसीआर के इलाकों में मम्प्स रोग को मामले काफी तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। मम्प्स को गलसुआ के नाम से भी जानते हैं। डॉक्टर्स की मानें तो ये एक संक्रामक रोग है, जिससे छोटे बच्चे सर्वाधिक प्रभावित होते हैं। बीते 2 सप्ताह से दिल्ली-एनसीआर के अस्पतालों में मम्प्स के काफी मामले रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो इस रोग का कारण पैरामायोक्सो वायरस होता है, जो हमारी पैरोटिड ग्लैंड को प्रभावित करता है। यह ग्लैंड हमारे शरीर में लार बनाने का काम करती है। जिसमें संक्रमण हो जाने पर हमारे गालों में सूजन आ जाती है और हमारा मुंह फूला हुआ दिखाई देने लगता है। आइए, जानते हैं क्या हैं इस रोग के लक्षण और कैसे करें बचाव?

मम्प्स क्या है? (What Is Mumps?)

मम्प्स एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य तौर पर सलाइवरी ग्लैंड को प्रभावित करती है। इस वायरस के कारण चेहरे के दोनों तरफ की ग्रंथियों में सूजन आ जाती है। इसे गलसुआ भी कहा जाता है  यह बीमारी आमतौर पर बच्चों में होती है, लेकिन अब बड़े भी इसका शिकार हो रहे हैं। यह संक्रमण छींक, नाक और गले से निकलने वाले संक्रामक ड्रॉपलेट्स के संपर्क में आने से फैलता है।

मम्प्स के लक्षण (Symptoms of Mumps)

  • बहुत अधिक ठंड लगना।
  • लगातार सिर में दर्द होना।
  • भूख में लगातार कमी होना।
  • शरीर का तापमान अधिक होना।
  • कमजोरी और थकान रहना।
  • मुंह के आसपास सूजन दिखाई देना।

मम्प्स से बचाव के उपाय (Tips to cure Mumps)

  • रोगी को कम से कम 1 सप्ताह तक आसोलेशन में रखें।
  • अपने चेहरे, नाक और आंखों को बार-बार छूने से बचें।
  • सूजन वाले स्थान पर ठंडी या गर्म सिकाई कर सकते हैं।
  • छोटे बच्चों का मम्प्स के लिए वैक्सीनेशन जरूर कराएं
  • किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।