... Read More
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts. Cookie Policy.
Written By: IANS | Published : May 30, 2019 8:35 PM IST
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि वे इस पर विचार करें कि बेहतर स्वास्थ्य लोगों का अधिकार हो। इसका लक्ष्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ करना है। ©Shutterstock.
मध्य प्रदेश की राज्य सरकार ने प्रदेशवासियों को 'राइट टु हेल्थ' (स्वास्थ्य का अधिकार) देने पर विचार करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि वे इस पर विचार करें कि बेहतर स्वास्थ्य लोगों का अधिकार हो। इसका लक्ष्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को सुलभ करना है।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने गुरुवार को लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेषज्ञों की सीधी भर्ती करने के निर्देश दिए और कहा कि बेहतर स्वास्थ्य लोगों का अधिकार हो, इसके लिए 'राइट टु हेल्थ' की दिशा में विचार करें।
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बैठक में कहा कि मरीजों की, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले मरीजों की सुविधा का ध्यान रखते हुए सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के देखने का समय सुबह नौ बजे से अपराह्न् चार बजे तक निर्धारित किया जाना चाहिए। मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में निजी भागीदारी में डायग्नोस्टिक सेंटर स्थापित किए जाएं।
यह भी पढ़ें – स्मोकिंग है साइलेंट किलर, कल नहीं आज ही से छोड़ें यह लत
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा शिक्षा और लोक स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है। उन्होंने इस दिशा में विशेष प्रयास करने पर जोर दिया कि कार्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी फंड प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अधिक से अधिक आए।
यह भी पढ़ें - विश्व की सबसे ‘नन्ही बच्ची’ को अमेरिकी अस्पताल से मिली छुट्टी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सूचकांकों के बीच के अंतर को समाप्त करने के लिए लक्ष्य और समय आधारित रणनीति बनाएं। मातृ एवं शिशु मृत्युदर में कमी लाने को सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल कर परिणाम आधारित योजनाएं बनाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित करें कि डॉक्टर अस्पतालों में उपलब्ध हों और विशेषज्ञों की सेवाएं मरीजों को मिलें। स्वस्थ मध्यप्रदेश के लिए जरूरी है कि स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं का हर स्तर पर उन्नयन कर उन्हें बेहतर बनाएं।