भारत में भी मां का दूध उपलब्ध कराने वाले बैंक, जानें नई योजना

मां के दूध का बैंक बनाने का उद्देश्य ऐसे बच्चों को मां का दूध उपलब्ध करवाना है जिनकी मां उन्हें किसी शारीरिक अक्षमता के चलते स्तनपान नहीं करवा पाती। कई मामलों में प्रसव के उपरांत महिलाओं को दूध नहीं आता या कम आता है। ऐसी स्थिति में वह नवजात शिशु स्तनपान से वंचित रह जाता है।

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Written By: IANS | Updated : December 13, 2019 9:36 PM IST

मां का दूध सभी बच्चों को मिल सके इसके लिए ऐसे विशेष बैंक खोले जा रहे हैं जहां मां का दूध उपलब्ध हो। केंद्र सरकार इस प्रकार के बैंक बनाने के लिए धनराशि व अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे ने शुक्रवार को लोकसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को उनकी मांग के मुताबिक दूध बैंक बनाने के लिए केंद्र सरकार आर्थिक मदद कर रही है।

मां के दूध का बैंक बनाने का उद्देश्य ऐसे बच्चों को मां का दूध उपलब्ध करवाना है जिनकी मां उन्हें किसी शारीरिक अक्षमता के चलते स्तनपान नहीं करवा पाती। कई मामलों में प्रसव के उपरांत महिलाओं को दूध नहीं आता या कम आता है। ऐसी स्थिति में वह नवजात शिशु स्तनपान से वंचित रह जाता है।

जन्म के समय महिला की मृत्यु होने पर भी ऐसे दुग्ध बैंक नवजात शिशुओं के लिए बहुत उपयोगी हैं। गंभीर बीमारी के कारण भी मां अपने बच्चे को स्तनपान कराने से वंचित रह जाती है।

मां का दूध उपलब्ध करवाने वाले बैंक, ब्लड बैंक की तरह काम कर रहे हैं। यहां महिलाएं अपना दूध वंचित बच्चों के भरण पोषण हेतु दान कर सकती हैं। वैज्ञानिक प्रक्रिया से इस दूध को सामान्य से अधिक अवधि तक के लिए सुरक्षित रखा जाता है। फिलहाल ऐसे बैंकों की उपलब्धता राज्य व क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर पर निर्भर है।

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