
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Published : August 28, 2018 7:33 PM IST
Image credits by: खतरे के बावजूद बच्चों की तस्वीरें आनलाइन साझा कर रहे भारतीय अभिभावक'
नन्हें-मुन्ने बच्चों की प्यारी-प्यारी तस्वीरें देखकर किसी का भी दिल खुश हो सकता है। चूंकि सोशल मीडिया पर विभिन्न कारणों से लोग अपने बच्चों की हर छोटी-बड़ी गतिविधी से जुड़ी तस्वीरें शेयर करते रहते हैं। लेकिन यह खतरनाक साबित हो सकता है। लेकिन शायद आपको जानकार हैरानी हो कि इन खतरों के बारे अभिभावकों को भी जानकारी है लेकिन बावजूद उसके लोग अपने बच्चों की तस्वीरें ऑनलाइन शेयर करना कम नहीं कर रहे।
हाल ही में वैश्विक साइबर सुरक्षा कंपनी मैकेफी ने एक सर्वे किया जिसके नतीज़े मंगलवार को सार्वजनिक किए गए। इस सर्वे के नतीजे दिखाते हैं कि भारतीय अभिभावक इस बात को लेकर जागरूक तो हैं कि अपने बच्चों की तस्वीर को ऑनलाइन पोस्ट करने से उसके गलत हाथों में पड़ने का खतरा है, लेकिन फिर भी उनमें से अधिकतर अपने बच्चों से बिना सोचे अक्सर उनकी तस्वीरें ऑनलाइन साझा करते हैं।
'द एज ऑफ कन्सेंट' शीर्षक वाले सर्वे में पाया गया कि भारत में 40.5 फीसदी अभिभावक अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर दिन में कम से कम एक बार अपने बच्चों की एक तस्वीर या वीडियो पोस्ट करते हैं, जबकि 36 फीसदी एक सप्ताह में अपने बच्चे की तस्वीर पोस्ट करते हैं। दिन में एक बार बच्चों की तस्वीर शेयर करने वालों में मुंबईवासी सबसे आगे हैं।
सर्वे में जो परिणाम और बातें सामने आयीं उनके मुताबिक माता-पिता बच्चों के खिलाफ बढ़ रहे बाल-अपराधों का डर काफी ज़्यादा परेशान करता है। ज़्यादातर अभिभावकों ने ऑनलाइन तस्वीर शेयर करने के पीछे अपने डर की वजह बताया इन्हें-
लेकिन आप जानकर चौंक जाएंगे कि इन बाल-अपराधों के लिए चिंता के बावजूद 62 प्रतिशत ने अपने बच्चों की तस्वीरें साझा करते वक्त यह सोचने की भी जहमत नहीं उठाई कि इस तरह तस्वीर शेयर करने से उनका बच्चा कैसा महसूस करेगा या क्या वह इससे सहमत है या नहीं।
सर्वे में जो बात सबसे ज्यादा हैरान करनेवाली थी वह यही थी कि 76 फीसदी लोगों को पता है कि अगर उनके बच्चों की तस्वीरें ऑनलाइन पोस्ट की जाती हैं तो ग़लत लोग उनका ग़लत इस्तेमाल कर सकते हैं और बच्चे की जान खतरे में भी पड़ सकती है लेकिन सभी ने अपने बच्चों की तस्वीरें शेयर की। सर्वे के मुताबिक ये वो भारतीय शहर हैं, जहां अभिभावकों ने स्वीकार किया कि उन्हें लगता है कि उनके पास बिना अपने बच्चों से पूछे उनकी तस्वीरें ऑनलाइन साझा करने का अधिकार है।
मैकेफी के इंजीनियरिंग उपाध्यक्ष व प्रबंध निदेशक वेंकट कृष्णापुर ने कहा, "सर्वे में खुलासा हुआ है कि अभिभावक ऑनलाइन पोस्ट करते वक्त चीज़ों को ज्यादा महत्व नहीं देते कि यह कैसे उनके बच्चों को नुकसान पहुंचा सकता है। बच्चों की जानकारी पोस्ट करने से उनकी व्यक्तिगत जानकारी को भी नुकसान पहुंच सकता है।"
तो क्या आपको भी आदत है अपने बच्चे के स्कूल यूनिफॉर्म से लेकर उसके नये हेयरकट के बारे में सोशल मीडिया पर सबको जानकारी देने की तो ज़रा ठहरिए। हर बार बच्चे की तस्वीर करने से पहले उसकी सेफ्टी की बारे में ज़रूर सोचिए। माना ऑनलाइन एक्टिव रहना आज आधुनिक और डिजिटल सैवी होने का प्रमाण है लेकिन किसी भी तरह की तारीफ या अटेंशन आपके बच्चे की सुरक्षा से ज़्यादा कीमती नहीं है।
चित्र स्रोत:Shutterstock.
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