मुंबई में तेजी से बढ़ रहे हैं मलेरिया और डेंगू के मामले,अपने परिवार और खुद को मच्छरों से सुरक्षित रखने के लिए अपनाएं ये उपाय

बरसात आने के साथ ही मुंबई में मलेरिया और डेंगू जैसी मच्छर जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या में इजाफा देखा जा रहा है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 27, 2022 11:45 PM IST

कोरोना वायरस मामलों में दैनिक स्तर पर दर्ज किए  जा रहे उतार-चढ़ाव के बीच महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बरसात के साथ मच्छर जनित बीमारियों के मामले भी सामने आ रहे हैं।  बीते 15 दिनों में शहर में मच्छर जनित बीमारियों (mosquito-borne diseases) के केसेस में बहुत अधिक इजाफा देखा जा रहा है।  कोरोना के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों की चिंता बढ़ती हुई दिखती है।आंकड़ों के अनुसार,

  • 5 जून 2022 तक, मुंबई शहर में मलेरिया के कुल 950 केसेस दर्ज किए गए जबकि, डेंगू के 94 केसेस दर्ज किए गए।
  •  वहीं, चिकनगुनिया (chikungunya) का पहला मामला भी हाल ही में दर्ज किए गए।
  • हालांकि, अभी तक मच्छर की वजह से होने वाली बीमारियों के कारण एक भी मौत का मामला दर्ज नहीं हुआ है।

कोविड से मिलते-जुलते लक्षणों ने बढ़ायी चिंता

मच्छर जनित बीमारियों को भी इसलिए भी एक बड़ा खतरा माना जा रहा है क्योंकि, इन बीमारियों के लक्षण कोविड-19 के लक्षणों से मिलते-जुलते हैं। मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों में जो प्रमुख लक्षण दिखायी देते हैं वे हैं-

  • बुखार ( fever)
  • खांसी ( cough)
  • कमजोरी (weakness)
  • थकान (fatigue)

एक्सपर्ट्स के अनुसार, कोविड और मलेरिया या डेंगू के लक्षणों में अंतर करना काफी मुश्किल है लेकिन कुछ समस्याओं पर ध्यान देते हुए लोग डेंगू या मलेरिया की पहचान कर सकते हैं। तेज बुखार,  बदन दर्द और लो प्लेटलेट काउंट्स डेंगू या मलेरिया जैसी बीमारियों के महत्वपूर्ण लक्षण माने जा सकते हैं।

डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों से सुरक्षित  रहने के उपाय क्या हैं?

  • पूरी बांह की शर्ट और फुल पैंट पहने। पैरों में मोजे पहनें और मच्छर वाली जगहों पर जब जाना हो तो चेहरे को मास्क, स्कार्फ और दुपट्टे से कवर करें।
  • छोटे बच्चों को खेलने के लिए जब पार्क में भेज रहे हों तो उन्हें ऐसे कपड़े पहनाएं जिससे उनके हाथ और पैर अच्छी तरह कवर हों।
  • गर्दन और हथेली जै सेबच्चों के शरीर के वे हिस्से जो खुले रह जाते हैं उनपर कोई अच्छी क्रीम लगाएं।
  • 2 साल से छोटे बच्चों के शरीर पर किसी भी प्रकार के मॉस्किटो रिपेलेंट लोशन या क्रीम का इस्तेमाल करने से पहले पीडियाट्रिशियन की सलाह लें।
  • अपने घर की साफ-सफाई का ध्यान रखें और आसपास पानी ना जमा होने दें।
  • घर की खिड़कियों और दरवाजों पर मॉस्किटो नेट लगाएं।
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