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Written By: Editorial Team | Published : June 20, 2018 4:25 PM IST
केरल के करीब 1.50 लाख मरीजों को पैलिएटिव केयर (दर्द हटाने वाला उपचार) के जरिए बेहतर जीवन दिया जाएगा। ये लोग विभिन्न बीमारियों से पीड़ित हैं। सरकार ने बुधवार को केरल विधानसभा में इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह देखभाल निजी क्षेत्र और राज्य सरकार के बीच एक संयुक्त पहल के माध्यम से प्रदान किया जाएगा।
पैलीएटिव केयर गंभीर या जीवन घातक रोगों में मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए दिया जाता है। इस केयर में तमाम तरह की गंभीर बीमारियों से परेशान लोगों को एक बेहतर जिंदगी देने के लिए हेल्थ से संबंधित सभी सुविधाओं को प्रदान किया जाता है।
स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा ने बताया कि केरल में बेहतर स्वास्थ्य देखभाल की बात कही जाती है, लेकिन जब बात पैलीएटिव केयर की आती है तो कैंसर व दूसरी जीवन घातक बीमारियों से पीड़ित लोगों को एक गुणवत्ता युक्त जीवन देने के लिए एक बेहतर प्रयास करना पड़ता है।
मंत्री ने बताया कि, "मौजूदा समय में लगभग 1.50 लाख रोगी कैंसर, कई अन्य बीमारियों, बुढ़ापे की समस्याओं से पीड़ित हैं और इनमें से ज्यादातर बिस्तर पर हैं। हम उन्हें बेहतर पैलिएटिव केयर प्रदान करना चाहते हैं।"
शैलजा ने जानकारी देते हुए बताया कि, "इसके लिए विभिन्न संगठनों के बीच एक बेहतर समन्वय हो सकता है, जो कि इस गतिविधि व राज्य सरकार के कार्यक्रमों में शामिल हैं।"
उन्होंने कहा कि इस तरह के 1.50 लाख मरीजों में से करीब 49,000 को वर्तमान में विभिन्न निजी संगठनों के जरिए पैलीएटिव केयर के फायदे मिल रहे हैं और यह राज्य सरकार का एक क्षेत्र है।
उन्होंने बताया कि, "हमने पहले से ही राज्य के स्वामित्व वाले 232 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पैलीएटिव केयर को शामिल किया है। हमने मौजूदा कर्मचारियों के अलावा एक फिजियोथेरेपिस्ट और एक नर्स नियुक्त करने का निर्णय लिया है, ताकि पैलीएटिव केयर की जरूरत वाले लोगों को फायदा पहुंच सके।"
स्रोत: IANS Hindi.
चित्रस्रोत: Shutterstock.