अफ्रीकन स्वाइन फीवर से रांची में 800 सुअरों की मौत, जानें मनुष्यों को संक्रमण का खतरा है कितना

भारत में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का पहला मामला फरवरी 2020 में असम में पाया गया था जो पालतू और जंगली सूअरों में पायी जाने वाली एक बीमारी है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : August 28, 2022 6:42 PM IST

African swine fever in Jharkhand: झारखंड राज्य की राजधानी रांची में अफ्रीकन स्वाइन फीवर से अब तक 800 सूअरों के मृत्यु हो चुकी है। मिली जानकारी के अनुसार इन सभी सुअरों की मृत्यु बीते एक महीने यानि 27 जुलाई के बाद हुई है। समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गयी है कि झारखंड की रांची (Ranchi) जिले में 27 जुलाई के बाद और अगस्त महीने में अब तक अफ्रीकन स्वाइन फीवर (African Swine Fever) के कारण 800 से अधिक सूअरों की मौत की पुष्टि की गयी है। बता दें भारत में अफ्रीकन स्वाइन फीवर का पहला मामला फरवरी 2020 में असम में पाया गया था जो पालतू और जंगली सूअरों में पायी जाने वाली एक बीमारी है। (African swine fever in Jharkhand in Hindi)

वहीं, राज्य के पशुपालन निदेशक शशि प्रकाश झा द्वारा मीडियो को जानकारी दी गयी कि, “अगस्त 2022 शुरुआत में कुछ नमूने जांच के लिए राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (National Institute of High Security Animal Diseases) की भोपाल (Bhopal) स्थित लैब में भेजे गए थे। इन सभी सैम्पल्स की रिपोर्ट ASF पॉजिटिव आयी है। वहीं, झारखंड में अब तक अफ्रीकन स्वाइन फीवर से तकरीबन  1,000 सुअरों के मरने की पुष्टि हो चुकी है।

मनुष्यों में नहीं फैलती यह बीमारी

इतनी भारी संख्या में सुअरों की मौत होने से आसपास के लोग घबराए हुए हैं। वहीं, पुशापालन विभाग की तरफ से लोगों को ना घबराने की सलाह दी गयी है क्योंकि जानवरों की मनुष्यों में इस बीमारी के फैलने की संभावना नहीं होती। वहीं, लोगों और सूअर पालने वाले किसानों की मदद के लिए एक टोल फ्री नंबर (18003097711) भी शुरु किया गया है। वहीं, प्रशासन द्वारा राज्य के सभी 24 जिलों में सावधानी बरतने के निर्देश दे दिए गए हैं। (African swine fever in Jharkhand)

वहीं, उन फार्म्स से आनेवाले मीट की बिक्री पर रोक लगा दी गयी है जहां से पशुओं में अफ्रीकन स्वाइन फीवर के लक्षण दिखने की जानकारी दी गयी थी।

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