कोरोना महामारी के 2 वर्षों में 4 करोड़ भारतीय हुए लॉन्ग कोविड का शिकार,मरीजों में दिखे ये लक्षण

एक रिपोर्ट के अनुसार, लॉन्ग कोविड वाले अधिकांश मरीजों में जो प्रमुख लक्षण दिखायी दिए उनमें अत्यधिक थकान, सांस लेने से जुड़ी समस्याएं, ध्यान लगाने में परेशानी और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं शामिल है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 20, 2022 11:50 AM IST

कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच जहां देशभर में चौथी लहर आने से जुड़ी अटकलें लगायी जा रही हैं। वहीं, केंद्र स्तर पर और राज्य सरकारों द्वारा भी कई प्रकार के एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। बता दें कि देश के कुछ राज्यों में यात्रा, सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने से जुड़े दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं।  वहीं, इस बीच एक रिपोर्ट में देश में कोरोना वायरस की पिछली 3 लहरों और बीते दो वर्षों  के दौरान दर्ज किए कोविड संक्रमण के मामलों से जुड़ी कई बड़ी जानकारियां सामने आयी हैं।

इस रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना वायरस महामारी की चपेट में आने वाले लोगों में से लगभग 4 करोड़ भारतीयों में कोविड संक्रमण से उबरने के बाद लॉन्ग कोविड के लक्षण दिखे हैं। समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार,यह रिपोर्ट अभी प्रीप्रिंट है और इसकी अभी समीक्षा करना बाकी है।

लॉन्ग कोविड क्या है?

बता दें कि, कोरोना संक्रमित मरीजों में संक्रमण होने के चार सप्ताह या उससे अधिक समय के बाद भी कुछ स्वास्थ्य समस्याएं दिखायी दे सकती हैं। जब ये लक्षण कोविड मरीजों में दिखायी देते हैं, तो उस स्थिति को ‘लॉन्ग कोविड’ (Long Covid) कहा जाता है। कुछ स्टडीज में ऐसा भी पाया गया कि कोरोना संक्रमण से 6 महीने या 12 महीने बाद भी लोगों में लॉन्ग कोविड के लक्षण दिखायी दिए।  लॉन्ग कोविड वाले अधिकांश मरीजों में जो प्रमुख लक्षण दिखायी दिए उनमें अत्यधिक थकान, सांस लेने से जुड़ी समस्याएं, ध्यान लगाने में परेशानी और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं शामिल है।

लॉन्ग कोविड के लक्षणों के कारण लोग अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी पूरी तरह से स्वस्थ महसूस नहीं कर पाते और उन्हें  रोजमर्रा के कार्य करने में दिक्कतें आती है। अंतर्राष्ट्रीय रिसर्चर्स की एक टीम ने लॉन्ग कोविड के तीन प्रमुख लक्षणों थकान, एकाग्रता में कमी और सांस लेने में तकलीफ से जुड़े मामलों का अध्ययन किया। रिसर्च के दौरान 44 से अधिक अन्य स्टडीज  और मेडिकल रिकॉर्ड के डाटाबेस का विश्लेषण किया गया। जिसमें, 204 देशों के ग्लोबल बर्डेन ऑफ डिजीज से भी आंकड़े लिए। अध्ययन के दौरान पाया गया कि,

  • साल 2020 और 2021 में 14.47 करोड़ लोग कम से कम तीन में से एक लक्षण से प्रभावित हुए। इनमें से 60.4 प्रतिशत लोगों को खांसी, जुकाम और सांस लेने में तकलीफ जैसी श्वसन संबंधी परेशानी हुई।
  • लॉन्ग कोविड से जूझने वाले लोगों में से 50 फीसदी से अधिक लोगों ने शरीर में दर्द, हमेशा थकान होने और आसानी से निराश होने की शिकायत की। ध्यान लगाने में परेशानी की शिकायत 35.4 प्रतिशत लोगों ने की।
  • वहीं, 20 से 29 साल की महिलाओं मेंलॉन्ग कोविड की शिकायतअधिक पाई गई। इसके अलावा बच्चों में भी लॉन्ग कोविड के लक्षण पाए गए।

(आईएएनएस)

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